Tuesday, November 30, 2021
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अपने प्यार के लिए जापान की राजकुमारी ने छोड़ा शाही परिवार, ठुकरा दी करोड़ों की रकम


टोक्यो: जापान की राजकुमारी माको ने एक आम नागरिक से शादी कर ली है, जिसके चलते उन्होंने अपना शाही दर्जा खो दिया है. हालांकि राजकुमारी की शादी और उनका शाही दर्जा खत्म करने के मुद्दे पर जनता की राय बंटी हुई है. कुछ लोग उनका दर्जा बरकरार रखने के पक्ष में हैं तो कोई इसे खत्म करने के फैसले को सही ठहरा रहा है.

राजकुमारी ने कही ये बात

‘इंपीरियल हाउसहोल्ड एजेंसी’ ने बताया कि माको और उनके प्रेमी केई कोमुरो के शादी के दस्तावेज मंगलवार सुबह महल के एक अधिकारी ने पेश किए. टेलीविजन पर प्रसारित प्रेस कॉन्फ्रेंस में माको ने कहा, ‘मेरे लिए केई बेशकीमती है. अपने प्यार को मूर्त रूप देने के लिए हमारे लिए शादी जरूरी थी.’ कोमुरो ने इसके जवाब में कहा, ‘मैं माको से प्याप करता हूं और मैं लाइफ को अपने प्यार के साथ बिताना चाहता हूं.’ कोमुरो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह और माको खुशी और मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देंगे.

दंपति अपने नए जीवन को शुरू करने के लिए न्यूयॉर्क रवाना हो जाएगा. एजेंसी ने बताया कि महल के डॉक्टरों के मुताबिक माको इस महीने की शुरुआत में तनाव से जूझ रही थीं, जिससे अब वह उबर रही हैं. अपनी शादी के बारे में नेगेटिव न्यूज, खासकर कोमुरो को निशाना बनाए जाने के कारण माको काफी तनाव में थीं. शादी के बाद किसी दावत का आयोजन नहीं होगा और न ही कोई अन्य रस्में होंगी.

कॉलेज बॉयफ्रेंड से रचाई शादी

माको (30) सम्राट नारुहितो की भतीजी हैं. वह और कोमुरो टोक्यो की इंटरनेशनल क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी में साथ पढ़ते थे. उन्होंने सितंबर 2017 में शादी की घोषणा की थी, लेकिन उसके दो महीने बाद कोमुरो की मां से जुड़ा एक वित्तीय विवाद सामने आने के कारण शादी को टाल दिया गया था. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि क्या विवाद पूरी तरह से हल हो गया है या नहीं. 30 वर्षीय कोमुरो 2018 में कानून की पढ़ाई करने के लिए न्यूयॉर्क गए थे और पिछले महीने ही जापान लौटे हैं.

Japan Princess
अपने घर से विदा लेतीं राजकुमारी माको (फोटो: रॉयटर्स )

जापान के शाही नियमों के अनुसार आम नागरिक से विवाह के बाद माको अब अपना शाही दर्जा खो चुकी हैं, उन्होंने अपने पति का उपनाम अपना लिया है. कानून के तहत विवाहित जोड़े का एक उपनाम का इस्तेमाल करना जरूरी है. महल के अधिकारियों ने बताया कि माको ने 14 करोड़ येन (12.3 लाख डॉलर) लेने से भी मना कर दिया. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शाही परिवार की वह पहली सदस्य हैं, जिन्होंने एक आम नागरिक से शादी करते वक्त गिफ्ट में कोई पैसा नहीं लिया.

मंगलवार सुबह वह हल्के नीले रंग की पोशाक पहने और हाथ में एक गुलदस्ता लिए महल से बाहर आईं. वहां वह अपने माता-पिता क्राउन प्रिंस अकिशिनो, क्राउन प्रिंसेस किको और अपनी बहन काको से मिलीं.

प्यार के लिए छोड़ा शाही दर्जा

‘इंपीरियल हाउस’ कानून के अनुसार, शाही परिवार की महिला सदस्यों के एक आम नागरिक से शादी करने पर, उन्हें अपना शाही दर्जा खोना पड़ता है. इस प्रथा के कारण शाही परिवार के सदस्य कम होते जा रहे हैं और सिंहासन के उत्तराधिकारियों की कमी है. नारुहितो के बाद, उत्तराधिकार की दौड़ में केवल अकिशिनो और उनके पुत्र प्रिंस हिसाहिटो हैं.

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सरकार की ओर से नियुक्त विशेषज्ञों की एक कमेटी इस संबंध में चर्चा कर रही है, लेकिन रूढ़िवादी अब भी महिला उत्तराधिकार या महिला सदस्यों को शाही परिवार का मुखिया ना बनाने पर अड़े हैं.





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