Sunday, January 16, 2022
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अयोध्या में महादान: अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज को मिला पहला देहदान,आनंद मोहन मिश्र बने महादानी,दो साल पहले कराया था पंजीकरण


अयोध्याएक घंटा पहले

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अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल मेडिकल कालेज में देहदान के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है - Dainik Bhaskar

अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल मेडिकल कालेज में देहदान के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है

जीवन प्रमुख अनुष्ठानों में किए गए दानों में महादान माना गया है देह का दान। साकेत डिग्री कालेज के हिंदी विभाग की प्रोफेसर डॉ मंजूषा मिश्र के पिता गोण्डा जनपद के निवासी 80 वर्षीय पं0 आनंद मोहन मिश्रा ने ऐसी ही मिशाल पेश की है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा के लिए देहदान कर दूसरों को प्रेरित किया है।

स्व0 आनन्द मोहन मिश्र ने वर्ष 2019 में अपनी इच्छा से देहदान का पंजीकरण कराया था

स्व0 आनन्द मोहन मिश्र ने वर्ष 2019 में अपनी इच्छा से देहदान का पंजीकरण कराया था

बेटी ने उनकी अंतिम इच्छा को पूर्ण कर दिया

विजया दशमी के महापर्व पर उनका नश्वर शरीर इहलोक गमन किया तो आंनदमोहन की बेटी ने उनकी इच्छा के अनुसार उनकी देह अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज के एनाटमी विभाग को तत्काल सूचना देकर सौंप कर उनकी अंतिम इच्छा को पूर्ण कर दिया। उनके इस कार्य की शिक्षा जगत के साथ पूरे जिले में सराहना हो रही हैl

एनाटमी विभाग में अब तक हुए कुल 18 पंजीकरण में श्री मिश्र का प्रथम देहदान रिकार्ड

बता दे कि 2019 में अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज में संचालित एनाटमी विभाग में अब तक हुए कुल 18 पंजीकरण में श्री मिश्र का प्रथम देह दान रिकार्ड किया गया है। स्व0 मिश्र की पुत्री प्रो0 मंजूषा मिश्र ने बताया कि उनके पिता आनन्द मोहन मिश्र ने वर्ष 2019 में अपनी इच्छा से देह दान के लिए पंजीकरण कराया था। 15 अक्टूबर विजया दशमी को साढ़े 6 के आसपास जब उनका शरीर छूटा तो परिजनों ने इसकी सूचना मेडिकल कालेज के एनोटमी की हेड प्रो0 अलका सिंह को दिया। जिसके बाद उनके आवास पर पहुंची मेडिकल टीम को चिकित्सक डॉ आलोक कुमार त्रिपाठी ने बॉडी को प्रमाणित कर एनोटॉमी विभाग के सुपुर्द किया।

मानव हित में होता है देह दान के लिए पंजीकरण करा सकते हैं नि:शुल्क -प्रो0 अलका सिंह

2019 से संचालित अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज के एनाटमी विभाग की हेड प्रो0 अलका सिंह ने बताया कि देहदान से बड़ा कोई दान नही होता।श्री मिश्र के इस महादान से मेडिकल कालेज में प्रशिक्षित हो रहे छात्रो को विद्या का दान मिलेगा हम उनके आजीवन ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अपनी इच्छा से देहदान जैसा पुनीत कार्य करने का इच्छुक को वह मेडिकल कालेज के एनोटामी विभाग में आकर अपना पंजिकरण निःशुल्क करवा सकता है। विभाग में पंजीकरण से सम्बंधित सभी जानकारियां उपलब्ध करा दी जायेगी। मेडिकल कालेज में अब तक कुल 18 पंजीकरण अयोध्या से हुए है।

अन्य स्रोतों से मेडिकल कालेज के पास 12 पुरुष व एक महिला सहित 13 शरीर उपलब्ध

मेडिकल कालेज के छात्रों के अध्ययन के लिए अन्य स्रोतों से मेडिकल कालेज के पास 12 पुरुषों व एक महिला सहित 13 बॉडी उपलब्ध है। प्रतिवर्ष मेडिकल कालेज के छात्रों के एक बैच के अध्ययन के लिए 10 बॉडी की जरूरत होती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब जब कोरोना महामारी का संकट खत्म हो चुका है तो इस कार्य मे तेजी आएगी।प्रो0 अलका सिंह ने कहा कि जो भी व्यक्ति देहदान करना चाहते है वह अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज के एनोटॉमी विभाग के इन मोबाइल नम्बर पर 9532064848,7705865224 पर सीधा संपर्क कर सकते है।

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