Saturday, November 27, 2021
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अरशद मदनी ने मोदी के फैसले को सराहा: कहा- CAA के खिलाफ आंदोलन से मिला किसानों को विरोध प्रदर्शन का रास्ता


सहारनपुर2 मिनट पहले

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मीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सय्यद अरशद मदनी- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

मीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सय्यद अरशद मदनी- फाइल फोटो

पीएम मोदी के 3 कृषि कानून वापस लेने के फैसले का जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने स्वागत किया। कहा कि CAA के खिलाफ आंदोलन से किसानों को विरोध प्रदर्शन का रास्ता मिला है। दिल्ली में बयान जारी कर उन्होंने कहा कि फैसले ने यह साबित कर दिया है कि लोकतंत्र और लोगों की शक्ति सर्वोपरि है। जो लोग सोचते हैं कि सरकार और संसद अधिक शक्तिशाली हैं, वह बिल्कुल गलत हैं।

जनता ने एक बार फिर किसानों के रूप में अपनी ताकत का परिचय दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन की सफलता यह भी सीख देती है कि किसी भी जन आंदोलन को जबरदस्ती कुचला नहीं जा सकता है। महिलाएं और यहां तक ​​कि बुजुर्ग महिलाएं भी दिन-रात सड़कों पर बैठी रहीं, आंदोलन में शामिल होने वालों पर जुल्म के पहाड़ टूट पड़े।

हमारे किसान भाई इसके लिए बधाई के पात्र हैं

उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि हमारे किसान भाई इसके लिए बधाई के पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने इसके लिए महान बलिदान दिया है। सफलता पर मौलाना मदनी ने कहा कि एक बार फिर सच्चाई सामने आ गई है कि अगर किसी जायज मकसद के लिए ईमानदारी और धैर्य के साथ आंदोलन चलाया जाए तो एक दिन भी बिना सफलता के नहीं जाता है।

मुसलमानों के संबंध में लाए गए कानूनों पर भी ध्यान देना चाहिए

आंदोलन में शामिल लोगों पर गंभीर मुकदमे लगाए गए, लेकिन आंदोलन को कुचला नहीं जा सका। मौलाना मदनी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमारे देश का संविधान लोकतांत्रिक है, इसलिए यह अपनी जगह पर सही है, इसलिए अब प्रधानमंत्री को मुसलमानों के संबंध में लाए गए कानूनों पर भी ध्यान देना चाहिए, और कृषि कानूनों की तरह CAA कानून को भी वापस लिया जाना चाहिए।

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