Tuesday, July 27, 2021
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आंकड़ों की हेराफेरी पर माले का ऐलान: पार्टी अपनी जीती हुई12 विधानसभा सीटों में 7 दिन के अंदर कोरोना काल में हुई मौतों की सूची बनाकर सरकार के झूठ का पर्दाफाश करेगी


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पटना5 मिनट पहले

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माले की वर्चुअल मीटिंग में शामिल नेता। - Dainik Bhaskar

माले की वर्चुअल मीटिंग में शामिल नेता।

  • प्रत्येक रविवार को ‘अपनों की याद ‘ में गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित करेगी माले

माले महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्या ने कहा कि सरकारें कोविड काल में मारे गए लोगों का आंकड़ा छुपा रही है। हम सही आंकड़े को सामने लाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को निःशुल्क वैक्सीन देने की घोषणा देर से की गई है। कोविड काल में लोगों की बड़ी संख्या में हुई मौतों का कारण लचर स्वास्थ्य व्यवस्था है। बिहार की हालत तो और खराब है। ये मौतें सरकार की लापरवाही का नतीजा है। केंद्र व राज्य सरकार के नकारेपन के खिलाफ स्वास्थ्य को एक मुद्दा बनाकर व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यदि समय पर सबके टीकाकरण की व्यवस्था नहीं की गई तो इसकी सबसे अधिक मार गरीबों पर पड़ेगी और वे ही लोग ज्यादा मौत के शिकार होंगे।

4 लाख रुपए मुआवजे पर जोर
दीपंकर भट्टाचार्या ने ये बातें पार्टी नेताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग में कहीं। बैठक में तय हुआ कि पूरे राज्य और खासकर माले की जीती हुई 12 विधानसभा सीटों में एक सप्ताह के अंदर कोविड काल में हुई सभी मौतों की सूची बनाकर सरकार के झूठ का पर्दाफाश किया जाएगा, क्योंकि सरकार जान बूझकर मौतों का आंकड़ा कम बता रही है। कोविड काल में मारे गए सभी लोगों के लिए चाहे वे कोविड से मौत के शिकार हुए हों या अन्य दूसरे कारणों से, उनके परिजनों के लिए 4 लाख रुपए मुआवजे के सवाल को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

अपनों की याद में होगा श्रद्धांजलि कार्यक्रम
बैठक में तय हुआ कि कोविड के कारण मारे गए लोगों के साथ-साथ पिछले साल लॉकडाउन में पैदल घर लौटते हुए मारे गए मजदूर, भूख से खत्म हुए बच्चे व बुजुर्ग, नफरत या झूठ से उकसाये गई भीड़ की हिंसा में मारे गए लोग, साम्प्रदायिक, जातिगत या पितृसत्तात्मक हिंसा में मारे गए लोग, पुलिस दमन में मारे गए लोग, सीवर की सफाई करते हुए मारे गए सफाई कर्मी आदि लोगों की याद में आपसी संवाद स्थापित करते हुए एक व्यापक अभियान चलाना है, ताकि आने वाले दिनों में हमारे अपनों को ऑक्सीजन, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं, अन्न के अभाव में मरना न पड़े। प्राकृतिक हादसों और महामारी से जीवन और जीविका के बचाव का काम समय पर हो, उत्पीड़न, अन्याय, नफरत और हिंसा से किसी की जान न जाए। जो मारे गए, उन सब को न्याय मिले। हर रविवार को घर, मुहल्ले, गांव, कस्बे और दफ्तर, कारखाने, अस्पताल आदि में शाम में ‘अपनों की याद’ में परिवार, मुहल्ले, कॉलोनी, गांव के लोगों को जोड़ते हुए मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। माले राज्य सचिव कुणाल ने बैठक में कहा कि तीन महीने के अंदर हर आयु समूह के लोगों के टीकाकरण की गारंटी सरकार को करनी चाहिए और इसके लिए जो भी आवश्यक कदम हों, उसे तत्काल उठाया जाए।

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