Thursday, July 29, 2021
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इंडो पोलिश फिल्म ‘No Means No’ की बढ़ी रिलीज डेट, अब इस दिन आएगी सामने


नई दिल्ली: 24वें ओलंपिक विंटर गेम्स का आयोजन चीन के बीजिंग शहर में 4 से 20 फरवरी 2022 के बीच होने जा रहा है. बर्फ पर होने वाली इस प्रतियोगिता में कई इंटरनेशनल गेम्स होते हैं. इसे हर चार साल बाद अलग-अलग देशों में आयोजित कराया जाता है. लेकिन इस बार की प्रतियोगिता कुछ अलग होने जा रही है, क्योंकि इसमें पहली इंटरनेशनल विंटर स्पोर्ट्स फिल्म ‘नो मीन्स नो’ को पोलिश, अंग्रेजी और हिन्दी भाषाओं में रिलीज की जाएगी. 

इसे फिल्ममेकर विकाश वर्मा ने पोलैंड और भारत के साझा प्रयासों से बनाई है. विकाश वर्मा ने बताया कि, ओलम्पिक गेम्स केवल अपने एथलिटिक्स प्रतियोगिताओं ही नहीं बल्कि आर्थिक और राजनीतिक महत्व के लिए भी जाना जाता है. किसी भी शहर के लिए ओलम्पिक्स का आयोजन कराना वैश्विक मान्यता प्राप्त करने जैसा होता है. इसलिए विंटर गेम्स के मायने भी बहुत तेजी से बढ़े हैं. अब सही तरीके से विंटर गेम्स करा ले जाने का मतलब ये होता है कि यह शहर निवेश-व्यापार के लिए तैयार है. साथ ही शहर पर यह जिम्मेदारी होती है कि वो गेम्स को सुचारू रूप से करा ले जाए.

विकाश वर्मा की पहल से दो देशों के रिश्ते में भी आएगी सुधार

उन्होंने कहा कि मेरी फिल्म में मुख्य नायक भी एक खिलाड़ी है जो एक स्कीइंग चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए पोलैंड जाता है. ओलम्पिक्स में भाग लेने वाला हर खिलाड़ी न केवल अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता है बल्कि बेहतर से बेहतर उपकरण चाहता है, यहां तक कि मौसम का भी पूरा खयाल रखता है कि उसे हर तरह से पूरा लाभ मिले. बीते सालों में स्कीइंग एक प्रसिद्ध एडवेन्चर गेम के तौर पर उभरा है. खास बात है ये कि भारत के खिलाड़ी अब अभ्यास के लिए हिमालय को चुन रहे हैं. इसके कारण उनके पास पहले से ही रोमांचक अनुभव रहते हैं. इसी वर्ष 26 फरवरी को गुलमर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू और कश्मीर में दूसरे इंडिया विंटर गेम्स का उद्घाटन भी किया था. 

बता दें कि विश्व की हाई प्रोफाइल शख्सियत विकाश वर्मा जी7 सिक्यॉरिटास ग्रुप और जी7 फिल्म्स के अध्यक्ष हैं. उन्होंने बताया कि, मैं एक उत्साही खेल प्रेमी हूं और स्कीइंग पर आधारित मेरी इस स्क्रिप्ट में रोमांच, रोमांस, चिंता और साहस जैसे तत्व शामिल हैं. इतना ही नहीं स्क्रिप्ट को पोलिश अधिकारियों ने भी एकदम उचित माना. इसके बाद ही इंडो-पोलिश इंडस्ट्री और एंटरटेनमेंट इंडस्‍ट्री प्रोजेक्ट शुरू करने की अनुमति दी थी.

विकाश ने पोलैंड के सहयोग के बारे में बताया कि, दो देशों के साथ आने से न केवल फिल्म निर्माण के साधनों में बढ़ोतरी होती है, बल्कि दोनों देशों के दर्शकों के लिए फाएदा होता है. साथ ही दो जगहों के एक साथ आने से रचनात्मकता और तकनीकी का ऐसा संयोग बन जाता है कि उन दो देशों ही नहीं पूरी दुनिया में उस फिल्म को ले जाने में आसानी हो जाती है. एक ओर फिल्म बनती है दूसरी ओर दो देशों की सांस्कृतिक विविधता को भी समझने में आसानी होती है. किसी भी व्यवसाय के लिए जरूरी है कि बिजनेस के साथ आपसी सामजस्य बने और आगे के लिए रास्ते साफ होते हैं.

पोलैंड से लेकर झारखंड के अधिकारियों और नेताओं ने की फिल्म बनाने में मदद

बता दें कि ये फिल्म दोनों देशों के दोस्ताना संबंध को भी दिखाती है. विकाश कहते हैं, ‘मैं पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और सांस्कृतिक मंत्रालय के प्रभारी प्रोफेसर पियॉत्र ग्लींस्की का कृतज्ञ हूं जिन्होंने फिल्म के बनने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसके अलावा दिल्ली विदेशी दूतावास में पोलैंड के हाई कमिश्नर एडम बुराकोव्स्की ने और मुम्बई में पोलैंड रिपब्लिक के काउंसिल जनरल डेमियन इर्जिक ने भी इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने में बहुत सहायता की. पोलिश और भारतीय संसद की प्रधानिका और पोलैंड की संसद की सदस्य मैडम मैल्गोज़टा पेपेक इस बात से आश्वस्त हैं कि यह फिल्म भविष्य में दिलचस्प परियोजनाओं को जन्म देंगी. वहीं पोलैंड में पूर्व भारतीय राजदूत (अब कनाडा के उच्चायुक्त) श्री अजय बिसरिया ने दोनों देशों के बीच की दोस्ती और सांस्कृतिक संबंध को रेखांकित किया. साथ ही झारखंड के रांची निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले कांग्रेस मंत्री और उस समय पर्यटन मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री सुबोध कांत सहाय की शुभकामनाओं को भूला नहीं जा सकता जिन्होंने इस संयुक्त उद्यम को भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक माइलस्टोन की तरह देखा. यह मेगा मूवी महामारी के कम होते ही लॉन्च होने के लिए तैयार है.

चार्ली चैप्‍लिन की लकीर को आगे बढ़ाएगी ‘नो मीन्स नो’

फिल्मों में खेल हमेशा से दर्शकों को आकर्षित करता आया है. खेलों पर आधारित फिल्मों में चार्ली चैप्लिन की ‘द चैम्पियन’ तब बनी थी, जब मूक फिल्मों के युग था. अब उसी कड़ी को विकाश वर्मा आगे बढ़ाएंगे. खास बात ये है कि ‘नो मीन्स नो’ फिल्म कपूर खानदान के अभिनेताओं की कई बॉलीवुड फिल्मों की याद दिलाती है, जिसमें शमी कपूर और शश‌ि कपूर बर्फ से ढ़के पर्वतों पर सीन्स की शूटिंग करते थे. इस फिल्म में तीस साल पुरानी बेटर ऑफ डेड, स्की फीवर और हॉट डॉग…द मूवी जैसी हॉलीवुड फिल्मों के भी अंश देखने को मिलेंगे. पहली बार निर्माता और निर्देशक बने विकाश वर्मा की एक्शन थ्रिलर ‘नो मीन्स नो’ भारत और पोलैंड के द्विपक्षीय संबंध को गहरा करने का उद्देश्य ठीक उसी प्रकार रखती है जिस प्रकार राज कपूर की 1970 में बनी क्लासिक फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ ने रूस और भारत के रिश्ते को किया था.

गुलशन ग्रोवर और पोलिश कलकार भी बिखेरेंगे जादू

पोलिश और भारतीय लोग अपनी इस अन्तरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स थ्रिलर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, नो मीन्स नो घरेलू और अन्तरराष्ट्रीय व्यावसायिक कार्यों में तीन भाषाओं में बनाए जाने वाले सिनेमा के लिए प्रदर्शनी बाज़ार में बढ़ोतरी करेगी. नो मीन्स नो अभिनेता ध्रुव वर्मा की भी लीड रोल में पहली फिल्म होगी. उनका साथ देते हुए फिल्म में गुलशन ग्रोवर, शरद कपूर, दीपराज राणा, मिलिंद जोशी, नाजिया हुसैन और कैट क्रिश्चियन हैं. पोलैंड से अभिनेता ऐना अडोर, जर्सी हैंजलिक, ऐना ग्युजिक, नटैलिया बैक, स्लिविया शेक और पवेल शेक को फिल्म में देखा जा सकेगा.





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