Tuesday, May 18, 2021
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‘एडल्ट’ एप की ब्लैकमेलिंग का शिकार बने दर्जनों शहरी,  क्राइम ब्रांच के पास पहुंची शिकायत, जांच शुरू


अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Updated Thu, 07 Jan 2021 11:02 AM IST

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फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया पर अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी तस्वीरें सोच-समझकर ही साझा करें। हाल के दिनों में शहर के कई लोग एडल्प एप के जरिये ब्लैकमेलिंग के शिकार बने हैं। अमेरिका के इस एप ने उनकी कई निजी जानकारियां और फोटोग्राफ चुराकर एस्कार्ट साइट तथा अन्य प्रतिबंधित सर्विसेज में डाल दीं। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल। फोटोग्राफ्स हटाने के लिए अच्छी खासी रकम की मांग की गई। कुछ लोगों ने तो चुपचाप पैसे भी दे दिए। लेकिन इनमें से कुछ पुलिस के पास पहुंच गए। एक मामले में पुलिस ने एप से शिकायत की तो फोटोग्राफ तथा अन्य जानकारियां हटा दी गई हैं। मगर ये नहीं बताया गया कि फोटोग्राफ्स उन तक पहुंचे कैसे। 
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल के पास कुछ दिन पहले सिविल लाइंस स्थित एक सरकारी दफ्तर में काम करने वाले एक शख्स ने शिकायत की। उसने बताया कि कुछ दिन पहले व्हाट्सएप पर मैसेज आया कि उनके परिवार की एक लड़की का नाम और फोटो एडल्ट साइट की एस्कार्ट सर्विस में डाल दिया गया है। अगर उन्होंने आनलाइन पैसों की पेमेंट कर दिया तो साइट से फोटो हटा दिए जाएंगे। नहीं तो लड़की की फोटो के साथ उसका मोबाइल नंबर भी एडल्ट साइट पर डाल दिया जाएगा। सरकारी कर्मचारी के होश उड़ गए थे।
उन्होंने पहले पुलिस से संपर्क किया फिर क्राइम ब्रांच के पास पहुंचे। यहां पता चला कि उनकी तरह कई और शहरियों ने एडल्ट वेबसाइट की शिकायत की है। उनकी भी निजी जानकारियां और डेटा चुराकर ब्लैकमेल किया जा रहा है।

इस तरह की जब कई शिकायतें आईं तो पुलिस ने जांच शुरू की। क्राइम ब्रांच ने एडल्ट साइट को पूरी जानकारी देते हुए मेल किया तो साइट से फोटोग्राफ हटा ली गई लेकिन एप पर फोटो तथा अन्य जानकारियां किसने डाली थीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विदेशी एप होने के कारण पुलिस बहुत कुछ करने की स्थिति में नहीं होती। हालांकि एप को जितनी बार मेल किया गया, वहां से तुरंत फोटोग्राफ तथा अन्य जानकारियां डिलीट कर दी गईं।

छोटी रकम मांगते हैं, इसलिए तमाम लोगों ने चुपचाप दे दिए पैसे

एडल्ट साइट पर ब्लैकमेल करने वाले पहले पांच से दस हजार रुपये ही मांगते हैं, इस कारण ब्लैकमेलिंग का शिकार तमाम लोगों ने चुपचाप पैसे दे दिए लेकिन जल्द ही उन्हें दोबारा फिर ब्लैकमेल किया गया। पुलिस ने जांच की तो पता चला जिन एकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, वे बंद कर दिए गए थे।

 

  • एक विदेशी डेटिंग एप के माध्यम से कई लोगों के ब्लैकमेल होने की सूचना पुलिस ने जांच शुरू की। एप से संपर्क किया गया तो वहां से आपत्तिजनक फोटो तथा अन्य निजी जानकारियों को डिलीट किया गया। पुलिस की जांच चल रही है। जल्द ही और कार्रवाई की जाएगी। -आशुतोष मिश्रा, एसपी क्राइम

सार

कैसे बचें साइबर शातिरों से

  • सोशल मीडिया तथा किसी अन्य एडल्ट साइट पर अपना मोबाइल नंबर तथा ईमेल सभी के लिए साझा न करें।
  • सोशल मीडिया पर परिवार वालों के फोटो को स्क्रीन लॉक करें।
  • प्रोफाइल सिर्फ मित्रों के लिए खोलें ताकि कोई भी उसमें से मोबाइल नंबर या अन्य डेटा न ले सके।
  • अगर कोई ब्लैकमेल करता है तो बिना किसी हिचकिचाहट के पुलिस से संपर्क करें।
  • पैसे बिल्कुल न दें। तो साइबर अपराधी दोबारा ब्लैकमेल कर सकते हैं।

विस्तार

फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया पर अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी तस्वीरें सोच-समझकर ही साझा करें। हाल के दिनों में शहर के कई लोग एडल्प एप के जरिये ब्लैकमेलिंग के शिकार बने हैं। अमेरिका के इस एप ने उनकी कई निजी जानकारियां और फोटोग्राफ चुराकर एस्कार्ट साइट तथा अन्य प्रतिबंधित सर्विसेज में डाल दीं। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खेल। फोटोग्राफ्स हटाने के लिए अच्छी खासी रकम की मांग की गई। कुछ लोगों ने तो चुपचाप पैसे भी दे दिए। लेकिन इनमें से कुछ पुलिस के पास पहुंच गए। एक मामले में पुलिस ने एप से शिकायत की तो फोटोग्राफ तथा अन्य जानकारियां हटा दी गई हैं। मगर ये नहीं बताया गया कि फोटोग्राफ्स उन तक पहुंचे कैसे। 



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