Sunday, January 23, 2022
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ऐसा अंतरिक्ष यात्री जिन्हें धरती पर लौटने की नहीं मिली मंजूरी, स्पेस में ही गुजारा इतना लंबा वक्त


नई दिल्ली: जब भी कोई अंतरिक्ष यात्री स्पेस में जाता है तो उसके सेकंड तक का हिसाब पहले से एस्टीमेट किया जाता है. लेकिन सोचिए कि कोई व्यक्ति स्पेस में जाए और उसे वापस नीचे आने की अनुमति ही ना मिले तो? साल 1991 में 18 मई को क्रिकालेव सोयूज के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. वो एक स्पेस क्राफ्ट में बैठकर 5 महीने लंबे मिशन पर MIR स्पेस स्टेशन पहुंचे थे. उनके साथ सोवियत संघ (The Soviet Union) के एक अन्य वैज्ञानिक अनातोली अर्टेबार्स्की और ब्रितानी वैज्ञानिक हेलेन शरमन (Helen Sharman) भी गई थीं. 

इस वजह से मशहूर है Mir स्पेस स्टेशन 

उनका विमान कजाकिस्तान के बैकानूर अंतरिक्ष केंद्र (Baikonur Cosmodrome) से लॉन्च हुआ था. ये वही केंद्र था जिसके दम पर सोवियत संघ ने अमेरिका को स्पेस रेस में पछाड़कर पृथ्वी की कक्षा में पहला उपग्रह (First Satellite) स्थापित करने से लेकर एक कुत्ते लाइका (Laika) को अंतरिक्ष यात्रा पर भेजने और अंतरिक्ष में पहले इंसान यूरी गैगरिन (Yuri Gagarin) को 1961 में पहुंचाने में सफलता प्राप्त की थी. इस समय तक एमआईआर स्पेस स्टेशन (Mir Space Station) अंतरिक्ष अभियानों के क्षेत्र में सोवियत ताकत का प्रतीक बन चुका था.

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जब अंतरिक्ष में ही फंस गया स्पेस क्राफ्ट

आपको बता दें कि क्रिकालेव एक लिमिटेड मिशन पर स्पेस में गए थे. लेकिन उनके जाने के बाद उनका यह मिशन अनलिमिटेड हो गया. उस समय उन्हें कुछ स्पेस पार्ट्स को ठीक करके स्टेशन में सुधार लाना था. लेकिन जब अंतरिक्ष में वो अपना काम ईमानदारी से कर रहे थे, तो वहीं नीचे धरती पर सोवियत संघ तेजी से बिखर रहा था. BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ महीनों में ही, जब क्रिकालेव अंतरिक्ष में थे, तब तक सोवियत संघ बिखर गया. इसके बिखराव के चलते क्रिकालेव कई महीनों के लिए अंतरिक्ष में ही फंस गए. वो जितने टाइम के लिए अंतरिक्ष में गए थे उससे दोगुने से ज्यादा समय उन्हें अंतरिक्ष में गुजारना पड़ा. वैसे तो उनका यह मिशन सिर्फ 5 महीनों के लिए ही था लेकिन जमीनी सियासत के चलते उनकी लैंडिंग 10 महीनों के बाद हुई और जब वो धरती पर उतरे तो उनके देश का नाम दुनिया के नक्शे से मिट चुका था. इसी मिशन में हुई देरी के चलते उन्हें दुनियाभर में ‘सोवियत संघ का आखिरी नागरिक कहा जाता है.

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खूब बटोरीं सुर्खिंया

गौरतलब है कि सर्गेइ क्रिकालेव (Sergei Krikalev) का जन्म साल 1958 में सोवियत संघ के लेनिनग्राद शहर में हुआ था जिसे अब सेंट पीटर्सबर्ग (Saint Petersburg) के नाम से जाना जाता है. उन्होंने साल 1981 में लेनिनग्राद मैकेनिकल इंस्टीट्यूट से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की और 4 साल की ट्रेनिंग के बाद वह एक अंतरिक्ष यात्री बन गए. साल 1988 में वह पहली बार एमआईआर स्पेस स्टेशन पहुंचे जो कि धरती से 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी का चक्कर लगा रहा था. फिलहाल, क्रिकालेव रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस के उस विभाग के निदेशक हैं जिसके द्वारा अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा जाता है. साल 1991 के मई महीने में क्रिकालेव ने अपनी दूसरी अंतरिक्ष यात्रा की थी. 

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