Tuesday, August 9, 2022
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ओडिशा: कॉलेज छात्रा की खुदकुशी को लेकर विधानसभा से सड़क तक कोहराम, CBI जांच की मांग


भुवनेश्वर. ओडिशा में बीजेबी ऑटोनोमस कॉलेज की एक छात्रा की खुदकुशी के मामले को लेकर सोमवार को विधानसभा से लेकर सड़कों तक कोहराम बरपा रहा. विधानसभा में विपक्ष ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की, जबकि लोगों ने सड़कों पर उतर दोषियों को खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने सदन में मुद्दा उठाया.  सदस्य सदन में अध्यक्ष के आसन के करीब आ गए और शनिवार को एक महिला छात्रावास में 19 वर्षीय छात्रा के खुदकुशी के मामले की सीबीआई जांच की मांग करने लगे. लड़की ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि तीन वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा रैगिंग और मानसिक उत्पीड़न का सामना करने में असमर्थ होने के बाद उसने यह कदम उठाया. हालांकि उसने किसी का नाम नहीं लिया.

प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों के हंगामे और सदन का कामकाज ठप होने पर अध्यक्ष बी के अरुखा ने 50 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी. जब सुबह साढ़े 11 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो सदस्यों ने बीजद सरकार पर हमला जारी रखा और आरोप लगाया कि वह शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग को रोकने में नाकाम रही है, जबकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने ओडिशा को रैगिंग के लिए खतरे वाला राज्य बताया है. उन्होंने बताया कि बोलांगीर के भीमा भोई मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने 22 अप्रैल को कॉलेज के छात्रावास की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी.

19 वर्षीय लड़की बीजेबी कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी
गृह राज्य मंत्री टीके बेहरा ने सदन में एक बयान में कहा कि कटक जिले के चौद्वार थाना क्षेत्र के काखाड़ी गांव की रहने वाली 19 वर्षीय लड़की बीजेबी कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी. वह करूबाकी महिला छात्रावास के कमरा नंबर 201 में एक अन्य छात्रा के साथ रह रही थी. मंत्री ने कहा, ‘दो जुलाई को सुबह करीब साढ़े 11 बजे उसके साथ रहने वाली छात्रा ने पाया कि छात्रावास का कमरा अंदर से बंद है और कॉलेज के अधिकारियों को सूचित किया. बाद में, छात्रावास अधीक्षक और कॉलेज के प्राचार्य मौके पर पहुंचे और उसका शव मिला. उन्होंने पुलिस और उसके परिवार को सूचना दी.’

रैगिंग को खत्म करने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग
मंत्री ने कहा कि आयुक्तालय पुलिस ने भुवनेश्वर डीसीपी (पुलिस उपायुक्त) की सीधी निगरानी में मामले की जांच के लिए अतिरिक्त डीसीपी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस को जल्द से जल्द जांच पूरी करने को कहा गया है. मंत्री ने दावा किया कि गृह विभाग अपराध और अपराधियों के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति का पालन करता है. इसने शिक्षण संस्थानों को छात्रों की रैगिंग को रोकने के लिए विभाग द्वारा जारी एसओपी के अनुसार कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. विपक्ष के मुख्य सचेतक एवं भाजपा विधायक मोहन मांझी ने रैगिंग की समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की.

ओडिशा मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
कांग्रेस सदस्य सुरेश राउतरे ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने रैगिंग विरोधी समितियों की बैठक नहीं की और उन्होंने कॉलेज छात्रा की आत्महत्या में शामिल दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की मांग की जो मिसाल कायम करे. इस बीच, ओडिशा मानवाधिकार आयोग (ओएचआरसी) ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त से लड़की की आत्महत्या मामले पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा. ओएचआरसी ने कहा कि रिपोर्ट को अगली सुनवाई की तारीख 19 जुलाई तक सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत किया जाना है.

मृतक लड़की के माता-पिता ने दिया धरना
कॉलेज के प्राचार्य निरंजन मिश्रा ने कहा कि प्रताड़ित करने के आरोपी वरिष्ठ विद्यार्थियों की पहचान करने के लिए आंतरिक जांच की जाएगी. मृतक लड़की के माता-पिता ने नव निर्माण छात्र संगठन के सदस्यों के साथ कॉलेज के द्वार पर धरना दिया, जबकि एनएसयूआई की ओडिशा ईकाई के कार्यकर्ताओं ने ओडिशा विधानसभा के सामने रैली निकाली.

Tags: BJP, CBI, Congress, Odisha



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