काम की बात: ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए पेमेंट करते समय किन बातों रखें ख्याल?

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काम की बात: ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए पेमेंट करते समय किन बातों रखें ख्याल?


हाइलाइट्स

पेमेंट ऐसी जानी-पहचानी ऐप्स से करें, जिसके डाउनलोड्स ज्यादा हों और रेटिंग अच्छी हो.
कोई भी ट्रांजेक्शन करते समय पब्लिक वाईफाई का यूज़ तो बिलकुल भी न करें.
किसी अनजान द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक ना करें. यह जालसाजी हो सकती है.

नई दिल्‍ली. ज्यों-ज्यों हम डिजिटल युग में प्रवेश कर रहे हैं, त्यों-त्यों ही ठगों या फ्रॉड करने वालों ने भी खुद को डिजिटल बना लिया है. ये लोग कब फ्रॉड करके आपके बैंक अकाउंट या किसी ऐप के वॉलेट से कब पैसा उड़ा लें, कोई नहीं जानता. हम हर दिन इस तरह की खबरें पढ़ते-सुनते हैं.

यही वजह है कि ऑनलाइन शॉपिंग में पेमेंट करते समय फ्रॉड होने का डर कई नए स्मार्टफोन यूजर्स को बहुत सताता है. चूंकि शहरों में अब हर चीज या सुविधा का पेमेंट स्मार्टफोन से होने लगा है तो ऐसे में जरूरी होता है कि ट्रांजेक्‍शन पूरी तरह सुरक्षित हो. यहां हम कुछ ऐसे बातें बताने वाले हैं, जो ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए कारगर साबित होंगी और आप किसी धोखाधड़ी के शिकार नहीं होंगे.

1. पेमेंट के ऐसे ऐप ही इस्तेमाल करें
पेमेंट करने वाले बहुत-से मोबाइल ऐप आ चुके हैं. मगर, आप यह ध्‍यान रखें कि ऐप वही इस्तेमाल करें, जिससे यूजर्स की रेटिंग अच्छी-खासी हो. ऐप प्‍ले स्‍टोर से ही डाउनलोड करें और ऐसे करने से पहले भी उसके वेरिफाइड बैज को जरूर चेक करें, और उसके बाद ही ऐप को डाउनलोड करें. नेट बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट के लिए ज्यादातर ऐप आपकी सिक्‍योरिटी से समझौता कर लेते हैं.

Phone Pe ऐप भारत में सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल होता है. इसके अलावा Google Pay, जो कि गूगल का ही है. Paytm जो कि नोटबंदी के समय ज्‍यादा चर्चा में रहा. Bhim तो सरकार द्वारा लाया गया ट्रांजेक्‍शन ऐप है. Paypal इंटरनेशनल पेमेंट के लिए अच्छे से काम करता है. Amazon Pay, Jio Money और Mobikwik भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

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2. पब्लिक वाईफाई से कोई ट्रांजेक्शन ना करें
बहुत-से स्मार्टफोन यूजर्स फ्री इंटरनेट के चक्कर में पब्लिक वाईफाई इस्तेमाल करते हैं. मेट्रो, रेलवे स्टेशन, पार्क, कोचिंग जैसी जगहों पर फ्री वाईफाई की सुविधा होती है. अगर आप कोई भी पेमेंट करना चाहते हैं तो अपना सिक्योर इंटरनेट डेटा ही इस्तेमाल करें. अन्यथा फ्री वाईफाई पर किए गए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से आपके बैंक से जुड़ी निजी जानकारी किसी और के पास जा सकती है.

3. ओटीपी किसी से शेयर ना करें
डिजिटल पेमेंट हो या बैंक से जुड़ा कोई पेमेंट हो, मोबाइल पर ओटीपी नंबर जरूर आता है. इस OTP को भरने से ही आपकी ट्रांजेक्शन प्रोसेस पूरी होती है. ये ध्‍यान रखें कि अपना ओटीपी नंबर किसी से शेयर ना करें, अन्‍यथा उसका मिस यूज हो सकता है.

4. अनजान लिंक पर क्लिक ना करें
आजकल साइबर क्रिमनल मैसेज के जरिए मोबाइल यूजर्स को कई फेक लिंक भेजते रहते हैं, या फिर फ्री के गिफ्ट्स का झांसा देकर फंसाने की कोशिश करते हैं. ऐसे सभी मैसेज को इग्नोर करें और जहां से भी आया है, उसे ब्लॉक कर दें. अगर आपके अकाउंट वाले बैंक के नाम से भी ऐसा कोई मैसेज आपको आता है तो भी एक बार बैंक में कॉल कर लें.

5. वेब ब्राउजिंग स्मार्ट तरीके से करें
शॉपिंग वेबसाइट हमेशा ऐसी इस्तेमाल करें, जिनके यूजर्स करोड़ों में हैं. जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट, ईबे, स्‍नैपडील इत्‍यादि. आजकल बहुत सारी ऐसी वेबसाइट आ गई हैं, जो ऑर्डर तो ले लेती हैं, लेकिन फिर प्रोडक्ट डिलीवर नहीं करतीं. कुल मिलाकर ये ठगने का धंधा है. यदि आप बैंक से ट्रांजेक्शन कर रहे हैं तो भी उसकी वेबसाइट का यूआरएल कई बार जांच लें. किसी भी थर्ड पार्टी के बैंक या फाइनेंशियल कंपनी को अपनी प्राइवेट इन्फोर्मेशन शेयर न करें. फोन कॉल पर कोई अनजान आपसे आपका एटीएम पिन, बैंक डिटेल नंबर मांगे तो भूलकर भी न बताएं.

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6. कार्ड का इस्तेमाल करते समय भी सतर्क रहें
अगर आप कहीं भी पेमेंट के लिए कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो कार्ड रीडिंग मशीन पर भी नजर डालें. ये जरूर जानें कि POS मशीन सही है या नहीं, कई बार कुछ शातिर तो POS मशीन से भी आपका कार्ड हैक कर लेते हैं. इसलिए पहले यह पहले जांच लें कि मशीन कौन-से बैंक की है. मशीन के बिल को देखकर भी पीओएस मशीन की कंपनी का पता लगाया जा सकता है. इसके अलावा वहां स्वाइप एरिया और कीपैड भी देखें.

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