Tuesday, April 13, 2021
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कोरोना वैक्सीनेशन के बाद मजे से दे रही थीं इंटरव्यू, लेकिन कुछ ऐसा हुआ कि सभी डर गए


नई दिल्ली: कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) के शरीर पर साइड इफेक्ट्स होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं. एक दिन पहले इस वैक्सीन को लगाने के बाद अलास्का (Alaska) के एक महिला स्वास्थ्यकर्मी में एलर्जी के गंभीर लक्षण दिखाई दिए थे. वहीं अब अलास्का के ही एक अन्य स्वास्थ्यकर्मी को जब यह वैक्सीन लगाया गया तो 10 मिनट बाद ही इसका दुष्प्रभाव सामने आया. जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. 

वैक्सीनेशन के 10 मिनट बाद दिखे रिएक्शन

दरअसल, अलास्का के एक पुरुष स्वास्थ्यकर्मी को जब कोविड का वैक्सीन (Corona Vaccine) लगाया गया तो 10 मिनट बाद ही उसके आंखों में सजून होने लगी, चक्कर आना शुरू हो गया और गले के भीतर खुजली होने लगी. उसे तुरंत इमरजेंसी रूम में ले जाकर इलाज शुरू किया गया. हालांकि एक घंटे बाद वह सामान्य हालात में लौट आया और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

लाइव शो के दौरान हुआ कुछ ऐसा

एक अन्य मामला अमेरिका के चैट्टानूगा से भी सामने आया है, जहां एक अस्पताल की हेड नर्स की कोरोना वैक्सीन लेने के कुछ ही देर बाद अचानक वे बेहोश हो गई. नर्स का नाम टिफनी डोवर (Tiffany Dover) है. फाइजर कोरोना वैक्सीनेशन के बाद वो टीवी पर लाइव इंटरव्यू दे रही थीं. इसी दौरान उन्हें चक्कर आने लगे और वो बेहोश गईं. सभी डर गए. लेकिन तुरंत डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी जांच की और कुछ देर बाद वे स्वस्थ हो गईं. 

साइड इफेक्ट्स के बावजूद जारी रहेगा वैक्सीनेशन

न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने एक रिपोर्ट में अलास्का के इन मामलों पर लिखा है कि वैक्सीन का दुष्प्रभाव चिंता का विषय है. ऐसे में वैक्सीन लेने वालों पर नजर रखने की जरूरत है ताकि अगर इसका दुष्प्रभाव हो तो तुरंत उपचार किया जा सके. शुरुआती दुष्प्रभावों के बावजूद स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन वापस लेने की उनकी कोई योजना नहीं है. अलास्का के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि वैक्सीन कार्यक्रम में बदलाव करने की उनकी कोई योजना नहीं है.

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ड्रिप बंद करने के बाद वापस शुरू हुआ रिएक्शन

वहीं, बार्टलेट रीजनल हॉस्पिटल के आपातकालीन विभाग के स्वास्थ्य निदेशक डॉ. लिंडी जोंस ने कहा कि पहली स्वास्थ्यकर्मी को एपिनेफ्रीन का एक शॉट दिया गया था, जो एलर्जिक रिएक्शन के लिए एक मानक दवा है. इससे एलर्जी के लक्षण कम हो गए, लेकिन जब दोबारा लक्षण बढ़ने लगे तो उसे स्टेरॉयड और एपिनेफ्रीन की ड्रिप दी गई. न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जब डॉक्टरों ने महिला को ड्रिप देना बंद किया तो एलर्जी के लक्षण फिर उभरने लगे. उसके बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया गया.

डॉ. जोंस ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि हम वैक्सीन को रोकने जा रहे हैं. लेकिन इतना जरूर है कि शोधकर्ताओं को यह पता लगाना चाहिए कि आखिर वैक्सीन के किस घटक के कारण ऐसे रिएक्शन सामने आ रहे हैं. वहीं, बीमारी नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के एक वरिष्ठ संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. जे बटलर ने कहा कि अलास्का के मामले यह दर्शा रहे हैं कि मॉनिटरिंग सिस्टम काम कर रहा है. फेडरल एजेंसी ने वैक्सीन की सप्लाई के साथ ऑक्सीजन और एपिनेफ्रीन की व्यवस्था भी रखने को कहा है, ताकि दुष्प्रभाव की स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके.

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फाइजर को नहीं मिली वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स की रिपोर्ट

वैक्सीन लेने के बाद कुछ इसी तरह के लक्षण ब्रिटेन में भी देखे गए. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, फाइजर कंपनी की प्रवक्ता जेरिका पिट्स ने कहा है कि कंपनी को अभी अलास्का के मामलों की डिटेल नहीं मिली है. वैक्सीन पर चेतावनी दी गई है कि दुष्प्रभाव होने पर उपचार कराना जरूरी है. फाइजर के अधिकारियों ने बताया कि ब्रिटेन के जिन दो लोगों में वैक्सीन का रिएक्शन देखा गया, उनका पहले भी एलर्जी का इतिहास रहा है.

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