Tuesday, November 30, 2021
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गया में नक्सलियों ने घर क्षतिग्रस्त किया: मोनावार में 4 लोगों की हत्या की थी, कोकण में आटा मिल में आग भी लगाई थी


गया3 मिनट पहले

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आटा मिल में नक्सलियों ने लगाई आग। - Dainik Bhaskar

आटा मिल में नक्सलियों ने लगाई आग।

नक्सलियों ने गया के मोनावार जंगल में शनिवार को 4 लोगों की हत्या कर दी थी। इस रात ही छकरबंधा के कोकण में भी एक घटना को नक्सलियों ने अंजाम दिया है। अंतर बस इतना ही है कि मोनावार में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या की गई थी। लेकिन, छकरबंधा थाना क्षेत्र के जंगल पर रहे भोक्ता परिवार के घर को भी नष्ट कर दिया है। आटा चक्की मिल वाले घर को आग के हवाले कर दिया गया है।

पुलिस को नहीं है जानकारी

इस बात की भनक पुलिस को अब तक यानी घटना के करीब 44 घंटे बीत जाने के बाद भी नहीं लगी है। पीड़ित परिवार ने ही नक्सली के डर से इस बात की सूचना पुलिस को दी है। वहीं, छकरबंधा थानाध्यक्ष संजय कुमार ने पहले तो संबंधित घटना कोकण में नहीं होने की बात कही। लेकिन, जब उन्हें यह बताया गया कि घटना की तस्वीर दैनिक भास्कर डिजिटल के पास मौजूद है तो उन्होंने कहा कि मामले को दिखवाते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि आखिर वारदात को नक्सलियों ने किसके यहां अंजाम दिया। इस पर कहा गया कि आप खुद पता करें। यह काम हमारा नहीं है।

क्या है घटना और उससे जुड़ी कहानी

छकरबंधा के कोकणा जंगल में समोद सिंह भोक्ता, राज कुमार भोक्ता और विनोद भोक्ता का घर है। यह तीनों सगे भाई हैं। तीनों भाई एक घर में संयुक्त परिवार की तर्ज पर रहते हैं। लेकिन तीनों उसी मकान के अलग-अलग हिस्से में रहते हैं। कोकणा में इन तीनों के अलावा दूसरे किसी व्यक्ति का वहां घर नहीं है। समोद सिंह बीते छह महीने से परिवार सहित गांव छोड़ रखा है। गांव छोड़ने के पीछे नक्सलियों की ओर से दी जा रही धमकी ही है। इसके पीछे ठीक वही वजह है, जो शनिवार की रात मोनावार के जंगल में रहे भोक्ता परिवार के साथ है।

नक्सलियों का आरोप है कि मोनावार के जंगल में बीते 16 मार्च को मारे गए चार नक्सली की झूठे मुठभेड़ की घटना को अंजाम तक पहुंचाने में समोद सिंह का भी हाथ है। वह भी उस षड़यंत्र में शामिल था।यही वजह रही कि जब शनिवार की रात नक्सलियों की एक टीम मोनावार के जंगल में सरयू सिंह भोक्ता के दो बेटे और बहू को फांसी दे कर जान ले रही थी। ठीक उसी समय छकरबंधा के कोकणा में नक्सलियों की दूसरी टीम समोद सिंह सिंह भोक्ता के घर पर धावा बोले हुए था। नक्सलियों ने समोद सिंह भोक्ता के अन्य परिवार को घर से बाहर निकाल कर कब्जे में लिया था और समोद सिंह के हिस्से में पड़ने वाले घर के खपड़े की छत को क्षतिग्रस्त करने में जुटा था।

नक्सलियों के भय से पुलिस को नहीं दी जानकारी

नक्सलियों ने समोद सिंह भोक्ता के घर के सामने समोदा के एक घर में आटा चक्की मील थी, जिसे नक्सलियों ने पेट्रोल छिड़ कर आगे के हवाले कर दिया। यह अलग बात है कि आटा चक्की मिल बीते छह महीने से बंद पड़ा है और उसमें ताला लटका था। समोद को जल्दी से गांव नहीं बुलाया तो हश्र बुरा होगा। समोद सिंह भोक्ता के भाई राज कुमार और विनोद सिंह भोक्ता ने बताया कि नक्सली 15-20 की संख्या में थे।

सभी ड्रेस में हथियारों से लैस थे। उन्होंने घर और आटा चक्की मिल को नष्ट करने बाद धमकी दी है कि समोद को जल्दी से गांव बुला लो नहीं तो हश्र बुरा होगा। इस घटना की सूचना पुलिस को नहीं दिए जाने के सवाल के जवाब में कहा कि अब वहां जाने से भी डर लग रहा है। कहीं पुलिस का मुखबिर कह कर हमलोगों के ऊपर भी कहीं नक्सली कहर न बरपा दे।

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