Saturday, May 8, 2021
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घाटमपुर हत्याकांड: सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस, जुआ लूटने का विरोध किया तो गोली मार दी, ऐसे खुली पुलिस की करतूत


मृतक के घर के बाहर तैनात पीएसी व पुलिस बल
– फोटो : अमर उजाला

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गैंगस्टर पप्पू बाजपेई हत्याकांड में ग्रामीणों ने दरोगा की करतूत का पर्दाफाश किया। सादे कपड़ों में सिपाही के साथ पहुंचे दरोगा ने जुआ खेल रहे ग्रामीणों को चेतावनी दी कि कोई भागेगा नहीं वरना गोली मार दूंगा।

इतना सुनते ही वहां भगदड़ मच गई। सभी भाग गए लेकिन पप्पू नशे में भाग नहीं पाया। पुलिसकर्मी पैसा लूटने लगे तो पप्पू ने विरोध किया, तब उसके सीने में गोली दाग दरोगा भाग निकला। ये खुलासा पप्पू के चचेरे भतीजे नीरज बाजपेई ने किया।

नीरज ने बताया कि गांव किनारे गन्ने के खेत में जुए की फड़ लगी थी। वहां पर पप्पू भी जुआ खेल रहा था। तभी अचानक पीछे से आवाज आई कि भागना मत, वरना गोली मार दी जाएगा। हम पुलिस वाले हैं।

डर के मारे सभी वहां से भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने रुपये लूटने का प्रयास किया और विरोध पर पप्पू को मार दिया। नीरज ने बताया कि गोली मारने वाला सफेद टीशर्ट व नीली जींस पहने था। इस बयान को सुनने के बाद पुलिस अफसरों ने नामजद आरोपियों की धरपकड़ करने के साथ ही पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू की जिसमें दरोगा प्रेमवीर सिंह के खिलाफ साक्ष्य मिले तभी उसकी गिरफ्तारी की गई।

गांव नहीं ले गए शव, तुरंत कराया अंतिम संस्कार

वारदात के बाद गांव में नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया था। इसलिए भारी पुलिसबल की तैनाती कर दी गई थी। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को सीधे भैरवघाट ले जाया गया। जहां पुलिस बल की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव गांव न ले जाकर पुलिस ने जल्द से जल्द अंतिम संस्कार कराया।

नेताओं का आरोप: जुआ लूटने पहुंचे थे पुलिस वाले

मैनपुरी सदर के सपा विधायक राजू यादव, पूर्व विधायक मुनीद्र शुक्ल आदि सपा नेताओं का आरोप है कि कोतवाली पुलिस सादे कपड़ों में जुआ लूटने के लिए पहुंची थी। पुलिस द्वारा अपने मंसूबों में नाकाम रहने पर जुआरियों पर फायरिंग कर दी गई जिसमे गोली लगने से पप्पू की मौत हो गई है। कोतवाली पहुंचकर सीओ व इंस्पेक्टर से शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के साथ चिकित्सकों के पैनल से कराने की मांग की।

पप्पू पर दर्ज थे नौ मुकदमे

सीओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि पप्पू बाजपेई पर लूट, हत्या के प्रयास और रंगदारी समेत नौ केस दर्ज थे। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जा चुकी थी। पप्पू अविवाहित था। शराब का लती था। रोज वो जुआ खेलता था।

पुलिस की साठगांठ से लंबे समय से चला रहा जुआ

भदरस गांव में बड़े पैमाने पर जुआ चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई जगह पुलिस की साठगांठ से जुआ चलता है। संलिप्त लोग फड़ के हिसाब से पुलिस को मोटी रकम पहुंचाते हैं। इसलिए पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है।

गैंगस्टर पप्पू बाजपेई हत्याकांड में ग्रामीणों ने दरोगा की करतूत का पर्दाफाश किया। सादे कपड़ों में सिपाही के साथ पहुंचे दरोगा ने जुआ खेल रहे ग्रामीणों को चेतावनी दी कि कोई भागेगा नहीं वरना गोली मार दूंगा।

इतना सुनते ही वहां भगदड़ मच गई। सभी भाग गए लेकिन पप्पू नशे में भाग नहीं पाया। पुलिसकर्मी पैसा लूटने लगे तो पप्पू ने विरोध किया, तब उसके सीने में गोली दाग दरोगा भाग निकला। ये खुलासा पप्पू के चचेरे भतीजे नीरज बाजपेई ने किया।

नीरज ने बताया कि गांव किनारे गन्ने के खेत में जुए की फड़ लगी थी। वहां पर पप्पू भी जुआ खेल रहा था। तभी अचानक पीछे से आवाज आई कि भागना मत, वरना गोली मार दी जाएगा। हम पुलिस वाले हैं।

डर के मारे सभी वहां से भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने रुपये लूटने का प्रयास किया और विरोध पर पप्पू को मार दिया। नीरज ने बताया कि गोली मारने वाला सफेद टीशर्ट व नीली जींस पहने था। इस बयान को सुनने के बाद पुलिस अफसरों ने नामजद आरोपियों की धरपकड़ करने के साथ ही पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू की जिसमें दरोगा प्रेमवीर सिंह के खिलाफ साक्ष्य मिले तभी उसकी गिरफ्तारी की गई।



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