Tuesday, July 27, 2021
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चाइल्ड सेक्स रेश्यो में सबसे पीछे उत्तराखंड, हरियाणा- पंजाब में दिखा सुधार


कुछ दिनों पहले नीति आयोग द्वारा जारी सस्टेनेबल डेबलप्मेंट गोल्स (एसडीजी) के अनुसार, जन्म के समय सेक्स रेश्यो यानी लिंगानुपात के मामले में उत्तराखंड सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में उभरा है। एसडीजी ने दिखाया कि राज्य का लिंगानुपात 840 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 899 है। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ सबसे आगे रहा, जहां जन्म के समय मेल-फीमेल रेश्यो 958 है- ये राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। नीति आयोग की रिपोर्ट में बताया गया कि 957 के लिंगानुपात के साथ केरल इसमें दूसरे स्थान पर है।

पंजाब और हरियाणा में दिखा सुधार

वहीं कम लिंगानुपात वाले पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। जहां हरियाणा में प्रति 1000 बेटों पर 843 बच्चियों का जन्म दर्ज किया गया, वहीं पंजाब में यह संख्या 890 तक पहुंच गई है।

केरल का स्कोर सबसे ऊपर, पीछे रहा बिहार

कुल मिलाकर, केरल नीति आयोग सूचकांक में 75 के स्कोर के साथ टॉप पर रहा, जबकि 52 के स्कोर के साथ बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा।  देश के ओवरऑल एसडीजी स्कोर में 6 अंकों का सुधार हुआ। ये स्कोर 2019 में 60 से 2020-21 में 66 हो गया। नीति आयोग ने एक बयान में कहा कि ये सुधार काफी हद तक स्वच्छ पानी और स्वच्छता, और सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा में अनुकरणीय देशव्यापी प्रदर्शन से प्रेरित है। एसडीजी इंडेक्स सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मानकों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रोग्रेस का मूल्यांकन करता है।

पहली बार दिसंबर 2018 में लॉन्च किया गया यह इंडेक्स देश में एसडीजी पर प्रोग्रेस की निगरानी के लिए प्राइमरी टूल बन गया है और साथ ही वैश्विक लक्ष्यों पर रैंकिंग करके राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच कंपटीशन को बढ़ावा दिया है।



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