चीनी कंपनी की नजर सोलोमन द्वीप के गहरे पानी के बंदरगाह पर

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चीनी कंपनी की नजर सोलोमन द्वीप के गहरे पानी के बंदरगाह पर


हाइलाइट्स

सोलोमन द्वीप के गहरे पानी के बंदरगाह पर चीन की निगाह
चीन की सरकारी कंपनी बना सकती है सैन्‍य अड्डा
दक्षिण प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता

कैनबरा.  चीन (China) की एक सरकारी कंपनी सोलोमन द्वीप (Solomon Islands) में एक गहरे पानी के बंदरगाह और द्वितीय विश्वयुद्ध (World WAR 2) के हवाई पट्टी वाले एक वनक्षेत्र को खरीदने के लिए बातचीत कर रही है. इस संबंध में बातचीत इन चिंताओं के बीच हो रही है कि चीन दक्षिण प्रशांत देश में एक नौसैनिक आधार स्थापित करना चाहता है. ‘ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्प’ (एबीसी) ने सोमवार को बताया कि चाइना फॉरेस्ट्री ग्रुप कॉर्प के एक प्रतिनिधिमंडल ने 2019 में वनक्षेत्र का दौरा किया था जो कोलोम्बंगार द्वीप के अधिकांश हिस्से में फैला हुआ है. उसने कहा कि उक्त प्रतिनिधिमंडल ने पेड़ों में बहुत कम दिलचस्पी दिखाते हुए घाट की लंबाई और पानी की गहराई के बारे में सवाल पूछे थे.

एबीसी के अनुसार कोलोम्बंगारा फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स लिमिटेड के बोर्ड (केएफपीएल) ने मई में नव निर्वाचित ऑस्ट्रेलियाई सरकार को इस तरह की बिक्री से ऑस्ट्रेलिया को ‘जोखिम या सामरिक खतरों’ की चेतावनी दी थी. इस बोर्ड में ताइवान और ऑस्ट्रेलियाई शेयरधारक हैं. एबीसी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामलों और व्यापार विभाग ने पिछले हफ्ते बोर्ड को जवाबी पत्र लिखा और कहा कि वह ‘हस्तक्षेप नहीं कर रहा है.’ विदेश मंत्री पेनी वोंग के कार्यालय ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया संभावित बिक्री पर केएफपीएल के साथ सम्पर्क में है. वोंग के कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘होनियारा में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त लचलन स्ट्रहान केएफपीएल के प्रबंधन के साथ नियमित रूप से सम्पर्क में हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे.’

बोर्ड चाहता था कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार पेशकश करे

बयान में कहा गया है, ‘हम सोलोमन द्वीप समूह के पहले सुरक्षा और विकास भागीदार के रूप में अपनी स्थिति को महत्व देते हैं, और हम अपनी साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.’ केएफपीएल अध्यक्ष मैथ्यू इंग्लिश ने एक बयान में कहा कि वह ‘केएफपीएल के संबंध में किसी भी व्यावसायिक मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते.’ केएफपीएल के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि बोर्ड चाहता था कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार एक पेशकश करे या किसी ऑस्ट्रेलियाई कंपनी से एक प्रस्ताव में सुविधा प्रदान करे.

चीनी सैन्य उपस्थिति की आशंका

अमेरिका और उसके सहयोगी दक्षिण प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंतित हैं जब चीन और सोलोमन ने इस साल एक द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए. इससे ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्वी तट से 2,000 किलोमीटर से भी कम दूरी पर चीनी सैन्य उपस्थिति की आशंका है. ऑस्ट्रेलिया की सोलोमन के साथ पहले से ही एक सुरक्षा संधि है और ऑस्ट्रेलियाई पुलिस पिछले साल के अंत में हुए दंगों के बाद से राजधानी होनियारा में शांति बनाए हुए है. सोलोमन प्रधानमंत्री मनश्शे सोगावरे ने कहा कि चीन को कभी भी देश में सैन्य अड्डा स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

Tags: China, World WAR 2



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