Sunday, September 26, 2021
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जदयू में दोबारा शामिल होने पर छलका मंजीत सिंह का दर्द, नी​तीश को बताया ‘राजनीतिक पिता’


पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं की घर वापसी का सिलसिला जदयू में शुरू हो गया है. पूर्व विधायक मंजीत सिंह (Manjit Singh) एक बार फिर से जदयू में शामिल होकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को अपना राजनीतिक पिता बताया है. जेडीयू कार्यालय में मिलन समारोह के दौरान मंजीत सिंह को जेडीयू में शामिल कराया गया.
मिलन समारोह में जेडीयू के कद्दावर नेता प्रदेश कार्यालय में जुटे थे. प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के अलावे कद्दावर नेता ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी, सुनील कुमार समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. मंजीत सिंह के जदयू में शामिल होने पर लोकसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता ललन सिंह ने कहा कि मंजीत सिंह घर में वापस आये हैं. बीच कहीं दौरे पर चले गए थे. ये समता पार्टी के समय से ही पार्टी के सदस्य रहे हैं. ललन सिंह ने कहा कि मंजीत सिंह बोलते कम हैं काम ज्यादा करते हैं. कार्यकर्ता, नेता व विधायक के रूप में मंजीत सिंह ने बेहतर काम किया है.

जेडीयू सांसद ललन सिंह ने कहा कि मंजीत सिंह 2015 के विस चुनाव में हारे नहीं बल्कि सहयोगी राजद ने हरवाने का काम किया था. तब लालू प्रसाद यादव इनके समर्थन में क्षेत्र में प्रचार करने गये थे, लेकिन उन्होंने उल्टा प्रचार किया. जिसके कारण ये चुनाव हार गए. 2015 के चुनाव में सहयोगी पार्टी राजद ने मंजीत सिंह को धोखा दिया था. उन्होंने कहा कि 2020 विधान सभा चुनाव में भी बैकुंठपुर सीट लेने के लिए जदयू ने बहुत प्रयास किया था, लेकिन वह सीट बीजेपी के खाते में चली गयी.

मंजीत सिंह ने जदयू में शामिल होते हुए नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक पिता बताते हुए कहा कि मैं पार्टी से अलग होकर भी नीतीश कुमार से अलग नहीं हुआ. वहीं मिलन समारोह में मौजूद बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी और खाद्य आपूर्ति मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व का कोई विकल्प नहीं . मंजीत सिंह कभी भी नीतीश कुमार की विचारधारा से अलग नहीं हुए थे कुछ परिस्थितियों के कारण वह अलग हुए थे.

बैकुंठपुर विधानसभा के पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी का कहना है कि पुत्र जब बड़ा काम करके आता है तो पिता उसे पुरस्कृत करते हैं. लेकिन आज जिस पिता और पुत्र की बात हो रही है उसमें पुत्र ने अपने पिता को कमजोर किया. एनडीए में यह तय हुआ था जो एनडीए को कमजोर करेगा उसे किसी शाहयोगी पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा. एनडीए की एक सीट को हरवा कर मंजीत सिंह ने बड़ा काम किया है. इस लिए उन्हें पुरस्कृत कर प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया.



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