Friday, January 28, 2022
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टारगेट किलिंग के बीच इस साल कश्मीर बढ़ गईं आम नागरिकों की मौत की संख्या, जानें सरकार का जवाब


नई दिल्ली. साल 2021 में जम्मू-कश्मीर आतंकवाद (Terrorism) से जुड़ी घटनाओं में 40 आम कश्मीरी नागरिकों (40 Civilians Death) को अपनी जान गंवानी पड़ी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसद में जानकारी दी है कि आतंकी वारदात के दौरान हर साल जान गंवाने वाले आम नागरिकों की संख्या साल 2017 से बाद से कमोबेश बराबर है. मंत्रालय ने कहा-बीते पांच सालों में लगभग प्रत्येक वर्ष आतंकी हमलों के दौरान 37-40 आम नागरिकों की मौत होती रही है.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ये जानकारी कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के एक सवाल के जवाब में दी है. वेणुगोपाल ने पूछा था कि क्या इस साल जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों ने अधिक संख्या में जान गंवाई है? दरअसल राज्य में इस साल टारगेट किलिंग की घटनाएं काफी बढ़ी हैं. कश्मीरी पंडित, सिख, प्रवासी मजदूर और स्थानीय लोगों को बीते महीनों के दौरान आतंकियों ने निशाना बनाया है.

प्रवासी मजदूरों पर क्या दिया जवाब
इस पर मंत्रालय ने बताया है कि अब भी कश्मीर में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर काम रहे हैं. मंत्रालय ने कहा-कुछ आम नागरिकों को आतंकियों द्वारा निशाना बनाए जाने के बावजूद कश्मीर घाटी में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर काम करते रहे. ये मजदूर कश्मीर में बढ़ती सर्दी के कारण अपने घरों को लौटे हैं.

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खुफिया रिपोर्ट में हुआ था खुलासा, निशाने पर 200 लोग
बता दें कि एक खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि आतंकियों ने जम्‍मू-कश्‍मीर में टारगेट किलिंग के लिए 200 लोगों की सूची तैयार की है. इस लिस्‍ट में मुखबिर, खुफिया एजेंसी के लोग, केंद्र सरकार और सेना के करीबी माने जाने वाले मीडियाकर्मी, घाटी के बाहर के लोगों और कश्मीरी पंडितों के नाम उनके गाड़ी नंबर के साथ शामिल हैं.

रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ था कि बीते 21 सितंबर को पाकिस्‍तान के मुजफ्फराबाद में आतंकी तंजीमों की एक बैठक हुई थी. बैठक में जैश ए मोहम्‍मद, लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और अल बदर समेत कई आतंकी संगठनों के आतंकी शामिल थे. रिपोर्ट में कहा गया था कि सारी तंजीमों के लोगों को मिलाकर एक नई आतंकी तंज़ीम बनाई जाएगी. जो सिर्फ मुखबिरों, ख़ुफ़िया एजेंसी के लोगों, घाटी के बाहर के लोगों और आरएसएस और बीजेपी के लोगों को टारगेट करेगी.





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