Saturday, November 27, 2021
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दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा में सांस लेना हो रहा मुश्किल, CPCB ने वायु प्रदूषण से निपटने के सुझाए उपाय


Air pollution in Delhi-NCR : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने शहर के लिए एक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के कार्यान्वयन के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के उपायों के कुछ सुझाव दिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, एक उप-समिति ने सोमवार को एक बैठक बुलाई और दिल्ली-एनसीआर के लिए वायु गुणवत्ता की स्थिति के साथ-साथ मौसम विज्ञान और वायु प्रदूषण के पूर्वानुमान की समीक्षा की।

अधिसूचना में कहा गया है कि आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने की उम्मीद है, जिससे संभवतः पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण और बढ़ सकता है। इसके अलावा, आने वाले दिनों में प्रतिकूल मौसम के कारण हवा की गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव हो सकता है।

सीपीसीबी ने संबंधित एजेंसियों को उप-समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के आधार पर कार्रवाई को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने कहा कि ‘गंभीर श्रेणी’ के तहत कार्रवाई करते हुए एक्यूआई के ‘बहुत खराब’ और ‘खराब से मध्यम’ के तहत सूचीबद्ध कदमों को दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए।

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आदेश में सुझाए गए कुछ उपायों में – सड़कों की मशीनों से सफाई और सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ाना, अधिक धूल वाली सड़कों के हिस्सों की पहचान करना, यह सुनिश्चित करना कि दिल्ली-एनसीआर में सभी ईंट भट्टों को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के अनुसार बंद रखा जाए। इसके साथ ही अधिसूचना में संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर में सभी हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर बंद रहें। साथ ही एनसीआर में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के संचालन को कम करने के लिए मौजूदा प्राकृतिक गैस-आधारित संयंत्रों से बिजली उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है (बदरपुर बिजली संयंत्र पहले ही बंद हो चुका है)।

सीपीसीबी के दिशानिर्देशों में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को तेज करने। ऑफ-पीक ऑवर में यात्रा को प्रोत्साहित करने के लिए किराए में अंतर रखने। राज्यों को वायु प्रदूषण के स्तर के बारे में जानकारी का प्रसार करने और वायु प्रदूषण को कम करने के कदमों के बारे में नागरिकों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए कहा गया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि जिम्मेदार एजेंसियों को उचित स्तर पर की गई कार्रवाई की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों को एक दैनिक रिपोर्ट देनी चाहिए।

सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मंगलवार को मामूली सुधार के बाद ‘गंभीर’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 372 पर रहा। 



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