Friday, September 17, 2021
Home राजनीति परिवार नियोजन की अलख जगाएंगे पंचायत प्रतिनिधि: मथुरा जिला प्रशासन की अनूठी...

परिवार नियोजन की अलख जगाएंगे पंचायत प्रतिनिधि: मथुरा जिला प्रशासन की अनूठी पहल, प्रतिनिधियों को पत्र भेजकर मांगी मदद…प्रधानों ने कहा- हर किसी को बताएंगे छोटे परिवार के बड़े फायदे


  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Mathura
  • Panchayat Representative Will Awaken The Light Of Family Planning Unique Initiative Of Mathura District Administration And Health Department, Sought Help By Sending Letters To The Representatives With Joint Signature

22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
11 से 31 जुलाई तक सेवा प्रदायगी पखवाड़ा मनाया जाएगा। - Dainik Bhaskar

11 से 31 जुलाई तक सेवा प्रदायगी पखवाड़ा मनाया जाएगा।

परिवार कल्याण कार्यक्रमों को सही मायने में धरातल पर उतारने को लेकर हर स्तर पर हरसंभव प्रयास निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर मथुरा के जिलाधिकारी नवनीत चहल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता ने पंचायत प्रतिनिधियों और प्रधानों को पत्र भेजकर कोरोना से बचाव के साथ परिवार नियोजन कार्यक्रमों में भी मदद की अपील की है।

27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क पखवाड़ा मनाया गया

कोरोना को देखते हुए इस बार विश्व जनसंख्या दिवस पखवाडा की थीम – “आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी” तय की गई है । जिलाधिकारी नवनीत चहल का कहना है कि बढ़ती आबादी, लिंग असमानता, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, स्वास्थ्य के अधिकार, यौन शिक्षा, के बारे में जन जागरूकता लाई जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़ का कहना है कि सभी सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों में इन सेवाओं व सुविधाओं को प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

11 से 31 जुलाई तक सेवा प्रदायगी पखवाडा मनाया जाएगा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रचना गुप्ता का कहना है कि जिले में 27 जून से 10 जुलाई तक दंपति संपर्क पखवाडा मनाया गया। इसमें आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर दंपति की सूची तैयार की है। लोगों को परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अब 11 से 31 जुलाई तक सेवा प्रदायगी पखवाड़ा मनाया जाएगा। लोगों को बच्चों में अंतर रखने के उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस काम में यूपी टीएसयू के साथ ही सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार), जननी और पीएसआई, टीसीआईएचसी समेत कई अन्य स्वयंसेवी संस्थाएं मदद कर रही हैं ।

जन प्रतिनिधियों से पत्र के ज़रिये की गई अपील

पत्र में जिक्र है कि ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों की गांव के विकास में अहम्‌ भूमिका है, लेकिन बिना परिवार नियोजन के विकास के उद्देश्यों को पूरा नहीं किया जा सकता। इसलिए हम सभी “परिवार नियोजन जीवन बचाता है” मूलमंत्र को ध्यान में रखते हुए यह प्रण करें कि कोविड-19 के साथ-साथ परिवार नियोजन कार्यक्रम में भी केंद्र व राज्य सरकार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई के साथ मिलकर काम करेंगे ।

क्या कहते हैं ग्राम प्रधान

विकास खंड बलदेव के हथकौली गांव के प्रधान कालीचरण का कहना है कि 11से 31 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान वह आशा कार्यकर्ताओं के साथ लोगों को परिवार नियोजन की सेवाओं से जोड़ने का काम करेंगे। परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने का भी प्रयास होगा। पुरुष नसबंदी को लेकर जो भी भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करके जिनका परिवार पूरा हो गया है, उन लोगों को नसबंदी के लिए प्रेरित करेंगे।

स्वास्थ्य इकाइयों पर उपलब्ध सेवाएं

स्थायी विधि – महिला और पुरुष नसबंदी अस्थायी विधि- ओरल पिल्स, निरोध, आईयूसीडी प्रसव के बाद/ आईयूसीडी गर्भ समापन के बाद, गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा और हार्मोनल गोली छाया (सैंटोक्रोमान)

विश्व जनसंख्या दिवस की शुरुआत

विश्व जनसंख्या दिवस के आयोजन पर 11 जुलाई 1987 को दुनिया की आबादी के 5 अरब पहुंचने पर ऐसा दिवस मनाने को लेकर विचार किया गया था। इस दिवस के आयोजन के बारे में विश्व बैंक के सीनियर डेमोग्राफर डॉ. केसी जकरिया द्वारा सुझाया गया था। यह आयोजन साल 1989 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की गवर्निंग काउंसिल द्वारा स्थापित किया गया था।

खबरें और भी हैं…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular