Sunday, December 5, 2021
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पॉलूशन कंट्रोल का लॉकडाउन ही एकमात्र रास्ता? दिल्ली सरकार ने शुरू की तैयारी, मेट्रो और डीटीसी अधिकारियों की बैठक बुलाई


Air Pollution in Delhi : वायु प्रदूषण से सांसों पर आए संकट को टालने के लिए दिल्ली सरकार की तरफ बढ़ रही है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय आज दिल्ली मेट्रो और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी ) के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। प्रदूषण संकट के मद्देनजर सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और मेट्रो और डीटीसी के चक्कर लगाने की संख्या बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।

गोपाल राय ने जॉइंट एक्शन प्लान की जरूरत पर बल दे हुए कहा हमने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि हम लॉकडाउन के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब एनसीआर क्षेत्रों में भी लॉकडाउन हो। हम केंद्र और राज्यों के साथ सभी उपाय करने के लिए तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्देश देगा उसका पालन किया जाएगा। राय ने रविवार को कहा था कि उनके विभाग ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की ओर से घोषित आपात कदमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण बढ़ने के मद्देनजर लॉकडाउन लगाने और उसके तौर-तरीके पर विचार कर रही है।

दरअसल, दिल्ली सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि वह राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए पूरी तरह से लॉकडाउन लगाने को तैयार है। दिल्ली सरकार की ओर से 26 पन्नों के हलफनामे में प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की रक्षा के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण संबंधी मामले पर सुनवाई शुरू होने से पहले ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए एक हलफनामे में बताया कि वह वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के मकसद से पूर्ण लॉकडाडन जैसे कदम उठाने के लिए तैयार है। हालांकि, दिल्ली सरकार ने कहा कि इस प्रकार का कदम तभी अर्थपूर्ण साबित होगा, यदि इसे पड़ोसी राज्यों के एनसीआर इलाकों में भी लागू किया जाता है।

‘आप’ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 13 नवंबर के आदेश का पालन करते हुए सभी स्कूलों को एक सप्ताह के लिए बंद करने समेत अब तक किए गए अन्य उपायों की विस्तार से जानकारी दी। सरकार ने हवा साफ करने के लिए कनॉट प्लेस इलाके में आधुनिक संयंत्र लगाने और पर्यावरण की रक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के बारे में भी जानकारी दी है।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता ”बहुत खराब” श्रेणी में बरकरार

दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को लगातार दूसरे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही और यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 342 दर्ज किया गया। गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और नोएडा में एक्यूआई सुबह नौ बजकर पांच मिनट पर क्रमश: 328, 340, 326 और 328 दर्ज किया गया। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में रविवार को थोड़ा सुधार दिखा था, हालांकि यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई थी।

राजधानी दिल्ली में रविवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 330 दर्ज किया गया था, जो शनिवार को 473 था। यह सुधार हरियाणा और पंजाब में खेतों में पराली जलाए जाने के मामले काफी कम होने पर देखा गया था।
उल्लेखनीय है कि, शून्य से 50 के एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।  





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