Thursday, July 29, 2021
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बिना एग्जाम 10वीं के स्टूडेंट कैसे होंगे पास, जानिए किस तरह तैयार किया जाएगा रिजल्ट


रद्द हुईं CBSE 10वीं 2021 की परीक्षाएं

रद्द हुईं CBSE 10वीं 2021 की परीक्षाएं

गौरतलब है कि निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से 4 मई 2021 से परीक्षाएं शुरू होनी थीं लेकिन अब 10वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। बुधवार के पीए नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कोरोना संक्रमण को देखते हुए छात्रों के भविष्य को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने बताया कि 10वीं के छात्रों को अब बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। इस फैसले के बाद अब छात्रों और अभिभावकों के मन मे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

इस तरह प्रमोट किए जाएंगे CBSE 10th के छात्र

इस तरह प्रमोट किए जाएंगे CBSE 10th के छात्र

सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रों को किस आधार पर आगे प्रमोट किया जाएगा? इस स्थिति में सीबीएसई प्रमोट किए जाने वाले छात्रों के नंबरों का आकलन उनके किताबी ज्ञान के अलावा कौशल और दक्षता के आधार पर भी करेगा। शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार 10वीं के छात्रों का रिजल्ट वैकल्पिक पद्धति के द्वारा तैयार किया जाएगा, नए फॉर्मुले के तहत अगर किसी छात्र को अपने नंबर कम लगते हैं तो वह बाद में हालात सुधरने पर परीक्षा में बैठ सकता है। रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र परीक्षा में शामिल होकर अपने मार्क्स को सुधार सकते हैं।

मीटिंग में लिए गए कई अहम फैसले

मीटिंग में लिए गए कई अहम फैसले

आपको बता दें कि पीएम मोदी संग मीटिंग के दौरान सीबीएसई ने कक्षा 6 से लेकर 10वीं तक के विषय- अग्रेजी, विज्ञान और गणित को लेकर नया प्रोग्राम, असाइनमेंट और फ्रेमवर्क लॉन्च किया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छात्रों के मूल्यांकन के इस नए तरीके की घोषणा की गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस वर्ष नए फार्मूले के तहत मूल्यांकन मोड और प्रश्न पत्र बदले जाएंगे। मॉडल पाठ योजना और प्रश्न पत्र बनाने के लिए 360 मास्टर ट्रेनर मेंटर्स, 180 टेस्ट आइटम लेखक और 40 मूल्यांकन डिजाइनर को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

कक्षा 6 से 10वीं तक के लिए नया मूल्यांकन फार्मूला

कक्षा 6 से 10वीं तक के लिए नया मूल्यांकन फार्मूला

इस नए ढांचे की योजना सीबीएसई और ब्रिटिश काउंसिल द्वारा बनाई गई है। सीबीएसई के अनुसार, छात्रों को प्रमोट करने के लिए तैयार किए गए नए मूल्यांकन मोड में कक्षा 6 से 10वीं का छात्रों को शामिल किया गया है। मूल्यांकन के लिए भारत भर में समग्र शिक्षण परिणामों में छात्रों के तीन महत्वपूर्ण विषयों अंग्रेजी (पढ़ने), विज्ञान और गणित में सुधार करने पर होगा। पहले चरण में यह नया ढांचा 2025 में भारत के चयनित 25,000 सीबीएसई स्कूलों- निजी स्कूलों, नवोदय विद्यालयों, केन्द्रीय विद्यालयों और यूटी चंडीगढ़ में लागू होगा।



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