Sunday, September 26, 2021
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ब्लॉक प्रमुख चुनाव : लखीमपुर, नकहा और निघासन में हंगामा, लाठीचार्ज


सीओ से नोकझोँक करते बसपा नेता मोहन बाजपेई।
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

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धौरहरा, निघासन और बेहजम में सपा, 11 सीटों पर भाजपा और एक पर निर्दलीय की जीत
नौ ब्लॉकों में डाले गए वोट, छह सीटों पर निर्विरोध प्रमुख निर्वाचित

लखीमपुर खीरी। जनपद के 15 ब्लॉक में से नौ में ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए शनिवार को मतदान हुआ। इसमें छह सीटों पर भाजपा और तीन सीटों पर सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। छह ब्लॉकों में पहले ही निर्विरोध चुनाव हो गया था। मतदान के दौरान लखीमपुर, नकहा और निघासन ब्लॉक में हंगामा हुआ। निघासन में पुलिस और सपाइयों के बीच भिड़ंत हुई। नकहा में बवाल रोकने को पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने लखीमपुर समेत कई ब्लॉकों में मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।
सदर ब्लॉक लखीमपुर में मतदान के लिए पुलिस-प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। बावजूद इसके बवाल की नौबत आ गई। भाजपा प्रत्याशी दिव्या सिंह के खिलाफ भाजपा से बगावत कर मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी आशुतोष वर्मा के बीच मुकाबला था। आशुतोष के समर्थन में बसपा नेता मोहन वाजपेयी समर्थकों के साथ मतगणना स्थल पर पहुंच गए। बैरियर पर मौजूद पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोका तो समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह और सीओ सिटी अरविंद कुमार वर्मा मौके पर पहुंच गए और बसपा नेता को वापस जाने के लिए कहा। लेकिन बसपा नेता के समर्थकों ने नारेबाजी जारी रखी। इस पर पुलिस ने बसपा नेता और उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज करके खदेड़ दिया।
मतदान केंद्र का जायजा लेने के लिए आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह भी मौके पर पहुंचीं और उन्होंने मतदान प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान आईजी ने मतदाताओं के सत्यापन में लगे सचिवों से बातचीत की।
मीडिया से बातचीत में आईजी ने बताया कि पसगवां कांड में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। निघासन में भाजपा विधायक के वायरल हुए वीडियो के बारे में जानकारी होने से इंकार किया। इससे पहले डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी विजय ढुल ने भी मतदान स्थल का जायजा लिया।
मतगणना के नतीजों के बारे में एआरओ सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुल 159 बीडीसी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें भाजपा प्रत्याशी दिव्या सिंह को 84 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी आशुतोष वर्मा को 72 वोट ही मिले। तीन वोट अवैध करार दिए गए। इससे 12 वोटों के अंतर से दिव्या सिंह ने जीत हासिल की।

12 बीडीसी ने बनवाया था डुप्लीकेट प्रमाण पत्र, सबसे बाद में डाले वोट

सदर ब्लॉक के कुल 159 बीडीसी में से 12 बीडीसी ने डुप्लीकेट प्रमाण पत्र बनवाया था, जिससे मतदान प्रारंभ होने के साथ ही इन्हें अलग बैठाने के निर्देश दिए गए थे। लिहाजा ऐसे बीडीसी को अलग बैठा दिया गया। जब मतदान समाप्त होने का समय आया, तो डुप्लीकेट प्रमाण पत्र वाले बीडीसी की दोनों प्रत्याशियों से पहचान कराई गई और सचिवों ने भी पहचान की। इसके बाद इनके वोट पड़ पाए।

धौरहरा, निघासन और बेहजम में सपा, 11 सीटों पर भाजपा और एक पर निर्दलीय की जीत

नौ ब्लॉकों में डाले गए वोट, छह सीटों पर निर्विरोध प्रमुख निर्वाचित

लखीमपुर खीरी। जनपद के 15 ब्लॉक में से नौ में ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए शनिवार को मतदान हुआ। इसमें छह सीटों पर भाजपा और तीन सीटों पर सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। छह ब्लॉकों में पहले ही निर्विरोध चुनाव हो गया था। मतदान के दौरान लखीमपुर, नकहा और निघासन ब्लॉक में हंगामा हुआ। निघासन में पुलिस और सपाइयों के बीच भिड़ंत हुई। नकहा में बवाल रोकने को पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने लखीमपुर समेत कई ब्लॉकों में मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया।

सदर ब्लॉक लखीमपुर में मतदान के लिए पुलिस-प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। बावजूद इसके बवाल की नौबत आ गई। भाजपा प्रत्याशी दिव्या सिंह के खिलाफ भाजपा से बगावत कर मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशी आशुतोष वर्मा के बीच मुकाबला था। आशुतोष के समर्थन में बसपा नेता मोहन वाजपेयी समर्थकों के साथ मतगणना स्थल पर पहुंच गए। बैरियर पर मौजूद पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोका तो समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह और सीओ सिटी अरविंद कुमार वर्मा मौके पर पहुंच गए और बसपा नेता को वापस जाने के लिए कहा। लेकिन बसपा नेता के समर्थकों ने नारेबाजी जारी रखी। इस पर पुलिस ने बसपा नेता और उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज करके खदेड़ दिया।

मतदान केंद्र का जायजा लेने के लिए आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह भी मौके पर पहुंचीं और उन्होंने मतदान प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान आईजी ने मतदाताओं के सत्यापन में लगे सचिवों से बातचीत की।

मीडिया से बातचीत में आईजी ने बताया कि पसगवां कांड में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। निघासन में भाजपा विधायक के वायरल हुए वीडियो के बारे में जानकारी होने से इंकार किया। इससे पहले डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और एसपी विजय ढुल ने भी मतदान स्थल का जायजा लिया।

मतगणना के नतीजों के बारे में एआरओ सुनील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुल 159 बीडीसी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें भाजपा प्रत्याशी दिव्या सिंह को 84 वोट मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी आशुतोष वर्मा को 72 वोट ही मिले। तीन वोट अवैध करार दिए गए। इससे 12 वोटों के अंतर से दिव्या सिंह ने जीत हासिल की।

12 बीडीसी ने बनवाया था डुप्लीकेट प्रमाण पत्र, सबसे बाद में डाले वोट

सदर ब्लॉक के कुल 159 बीडीसी में से 12 बीडीसी ने डुप्लीकेट प्रमाण पत्र बनवाया था, जिससे मतदान प्रारंभ होने के साथ ही इन्हें अलग बैठाने के निर्देश दिए गए थे। लिहाजा ऐसे बीडीसी को अलग बैठा दिया गया। जब मतदान समाप्त होने का समय आया, तो डुप्लीकेट प्रमाण पत्र वाले बीडीसी की दोनों प्रत्याशियों से पहचान कराई गई और सचिवों ने भी पहचान की। इसके बाद इनके वोट पड़ पाए।



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