Tuesday, April 13, 2021
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माघ मेला में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बढ़ेंगे घाट,स्नान क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा


prayagraj news : माघ मेले की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
– फोटो : prayagraj

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कोरोना संक्रमण को देखते हुए माघ मेले में पहली बार संतों-कल्पवासियों के लिए स्नान घाटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। शिवाला से लेकर अकबर के किले तक स्नान घाटों का निर्माण कराया जाएगा। गंगा केदोनों तटों पर स्नान क्षेत्र का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पतित पावनी के किनारों पर दो सौ मीटर से अधिक क्षेत्रफल छोड़कर मेला बसाया जाएगा।

कोविड-19 के दौर का मेला कुछ अलग हटकर होगा। इस बार मेले में दूर-दूर शिविर बसाए जाएंगे। संक्रमण को देखते हुए दो प्लाटों के बीच 10 गज की दूरी रखने का सुझाव दिया गया है। खासतौर से सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए इस बार के मेले में दूरी बनाए रखने की पूरी व्यवस्था की जा रही है।  इसके लिए स्नान घाट और स्नान क्षेत्र का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

मेला प्रशासन की कोशिश है कि शिविरों को बसाने में गाइड लाइन का पालन किया जाए। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शिवाला से किला के बीच घाटों का निर्माण कराने के साथ ही स्नान क्षेत्र में वृद्धि की जाएगी। स्नान घाटों पर प्लेटफार्म भी बनवाए जाएंगे, ताकि बुजुर्गों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्नान घाटों की संख्या बढ़ाए जाने से कल्पवासियों को सेक्टरवाइज डुबकी लगाने की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों को स्नान के लिए घाटों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।साथ मुख्य मार्गों से गाटा मार्गों को लिंक किया जाएगा, ताकि कल्पवासियों, श्रद्धालुओं और संतों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही मेला क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों से कोरोना संक्रमण से बचाव और सावधानी बरतने के लिए लगातार प्रसारण किया जाता रहेगा।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए माघ मेले में पहली बार संतों-कल्पवासियों के लिए स्नान घाटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। शिवाला से लेकर अकबर के किले तक स्नान घाटों का निर्माण कराया जाएगा। गंगा केदोनों तटों पर स्नान क्षेत्र का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पतित पावनी के किनारों पर दो सौ मीटर से अधिक क्षेत्रफल छोड़कर मेला बसाया जाएगा।



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