Sunday, May 16, 2021
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मुख्यमंत्री ने बीएसएल थ्री लैब का किया ऑनलाइन लोकार्पण, इस मशीन से हो सकेगी टीबी रोगियों की सटीक जांच


अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

Updated Mon, 02 Nov 2020 12:59 PM IST

लैब में एमजीआईटी 960 मशीन से कोरोना जांच भी हो सकेगी
– फोटो : अमर उजाला।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने बीएसएल थ्री लैब (बॉयो सेफ्टिक लैब) का लोकार्पण किया। लैब में एमजीआईटी 960 मशीन से टीबी रोगियों की सटीक जांच हो सकेगी।
 
बीआरडी प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में फाइंड इंडिया के एनएचएच कार्यक्रम के तहत सेंट्रल लैब डिवीजन भारत सरकार की ओर से बनाया गया है। इसमें काम करने वाले कर्मी हैपा फिल्टर व ऋणात्मक दबाव के वातावरण में काम करेंगे।

लैब में क्षय रोगियों के बलगम एवं अन्य नमूनों के कल्चर की जांच एक से दो सप्ताह में हो जाएगी। यह जांच एमजीआईटी 960 मशीन के द्वारा होगी। बताया कि अब तक इन जांचों के लिए नमूने वाराणसी लैब में भेजे जाते थे। जांच में कम से कम 15 दिन लगते थे। जल्द रिपोर्ट आने से मरीजों को शीघ्र सही इलाज मिलेगा। जिससे मौत की दर में भी कमी आ सकेगी।

बताया कि बीएसएल लैब के साथ एक एलपीए लैब का भी निर्माण हो रहा है। इससे एक दिन में टीबी की दवाओं का परीक्षण भी हो सकेगा। यह लैब माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह की देखरेख में चलेगी। इस दौरान कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ नंद कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रामेश्वर मिश्रा, डॉ जयेश पांडेय, नरेंद्र प्रताप सिंह, ज्योति कुमारी, आलोक कुमार चौधरी, उमेश चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, जगमोहन प्रसाद, जितेंद्र गिरी, धर्मवीर सिंह, चंद्रभान, अजय तिवारी आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बने बीएसएल थ्री लैब (बॉयो सेफ्टिक लैब) का लोकार्पण किया। लैब में एमजीआईटी 960 मशीन से टीबी रोगियों की सटीक जांच हो सकेगी।

 

बीआरडी प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में फाइंड इंडिया के एनएचएच कार्यक्रम के तहत सेंट्रल लैब डिवीजन भारत सरकार की ओर से बनाया गया है। इसमें काम करने वाले कर्मी हैपा फिल्टर व ऋणात्मक दबाव के वातावरण में काम करेंगे।

लैब में क्षय रोगियों के बलगम एवं अन्य नमूनों के कल्चर की जांच एक से दो सप्ताह में हो जाएगी। यह जांच एमजीआईटी 960 मशीन के द्वारा होगी। बताया कि अब तक इन जांचों के लिए नमूने वाराणसी लैब में भेजे जाते थे। जांच में कम से कम 15 दिन लगते थे। जल्द रिपोर्ट आने से मरीजों को शीघ्र सही इलाज मिलेगा। जिससे मौत की दर में भी कमी आ सकेगी।

बताया कि बीएसएल लैब के साथ एक एलपीए लैब का भी निर्माण हो रहा है। इससे एक दिन में टीबी की दवाओं का परीक्षण भी हो सकेगा। यह लैब माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह की देखरेख में चलेगी। इस दौरान कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ नंद कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रामेश्वर मिश्रा, डॉ जयेश पांडेय, नरेंद्र प्रताप सिंह, ज्योति कुमारी, आलोक कुमार चौधरी, उमेश चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, जगमोहन प्रसाद, जितेंद्र गिरी, धर्मवीर सिंह, चंद्रभान, अजय तिवारी आदि मौजूद रहे।



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