Thursday, July 29, 2021
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मेरी जाति और राज्य के भी नहीं… रिश्तेदारों को नौकरी देने के आरोपों पर बोले बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़


राजभवन में अपने तीन रिश्तेदारों को नौकरी देने के आरोपों का पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने खंडन किया है। टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा ने रविवार को गवर्नर पर ये आरोप लगाए थे, जिस पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने तथ्यों का साथ जवाब दिया है। धनखड़ ने सोमवार को ट्वीट किया कि आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं है। इसके अलावा 4 लोग तो उनकी जाति के ही नहीं हैं। राज्यपाल ने लिखा, ‘महुआ मोइत्रा का यह ट्वीट और मीडिया में बयान कि पर्सनल में स्टाफ में 6 लोगों की जो नियुक्त हुई है, वे मेरे रिश्तेदार हैं। पूरी तरह से गलत है। ओएसडी तीन अलग राज्यों के हैं और 4 अलग-अलग जातियों से आते हैं। इनमें से कोई भी मेरे परिवार का नहीं हैं। यहां तक कि 4 तो मेरे राज्य और जाति के ही नहीं हैं।’

रविवार को महुआ मोइत्रा ने धनखड़ पर हमला बोलते हुए कहा था कि उन्होंने अपने तीन रिश्तेदारों को ही राजभवन में ओएसडी के तौर पर नियुक्ति दी है। इसके अलावा राजभवन के अधिकारियों के तीन करीबियों को जगह दी गई है। मोइत्रा के आरोपों पर जवाब देते हुए धनखड़ ने कहा कि टीएमसी सांसद ने इस तरह का बयान इसलिए दिया है ताकि राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से ध्यान हटाया जा सके। राज्यपाल ने ट्वीट किया, ‘ममता बनर्जी के शासन में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति से ध्यान हटाने की यह रणनीति है। मैं संविधान के अनुच्छेद 159 के तहत ली गई शपथ के अनुसार राज्य के हितों के लिए काम करता रहूंगा।’

मोइत्रा ने रविवार को कहा था कि यदि राज्यपाल अपने बड़े परिवार के साथ बंगाल से चले जाएं तो स्थिति सुधर जाएगी। जगदीप धनखड़ ने जुलाई 2019 में बंगाल के राज्यपाल के तौर पर प्रभार संभाला था। तब से ही टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी के साथ उनके रिश्तों में अनबन रही है। टीएमसी नेताओं की ओर से कई बार राज्यपाल पर बीजेपी का एजेंट होने और भेदभाव बरतने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। वहीं गवर्नर बंगाल में कानून व्यवस्था के मुद्दे और चुनावी हिंसा को लेकर ममता बनर्जी सरकार की कई बार आलोचना कर चुके हैं। 

बता दें कि जगदीप धनखड़ ने हाल ही में ममता सरकार पर आरोप लगाया था कि वह चुनाव के बाद जारी हिंसा को रोकने में असफल रही है। यही नहीं उन्होंने सीएम ममता बनर्जी से कहा था कि वह सोमवार को आकर उनसे मुलाकात करें ताकि राजनीतिक हिंसा से पैदा हालातों पर चर्चा की जा सके। गवर्नर के इस ट्ववीट के बाद ही महुआ मोइत्रा ने उन पर हमला बोला था।

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