Monday, April 12, 2021
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मौलाना कल्बे सादिक का इंतकाल: शिया धर्मगुरु ने लंबी बीमारी के बाद लखनऊ में ली अंतिम सांस, पांच दिन पहले हुए थे भर्ती


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लखनऊ6 घंटे पहले

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मौलाना कल्बे सादिक (फाइल फोटो)

इस्लामी स्कॉलर, शिक्षाविद, शिया धर्मगुरु और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डॉ कल्बे सादिक का लंबी बीमारी के बाद लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज में निधन हो गया। वह 81 साल के थे। अपने पीछे वह परिवार में तीन बेटे एक बेटी और भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके इंतकाल की सूचना उनके बेटे कल्बे सिब्तैन नूरी ने दी। उन्होंने बताया कि रात तकरीबन 10 बजे मौलाना कल्बे सादिक की मृत्यु हुई है।

डॉक्टरों ने बताया था, निमोनिया हुआ है

पांच दिन पहले मौलाना कल्बे सादिक की तबियत खराब हुई थी। जिसके बाद उन्हें एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने बताया था कि उन्हें निमोनिया हुआ है। जबकि उनका कोविड टेस्ट नेगेटिव आया था। उनका ब्लडप्रेशर और ऑक्सीजन का स्तर भी लगातार घट रहा था। जिसके बाद आज उन्होंने अंतिम सांस ली।

सर्वधर्म स्वीकार्यता थी

मौलाना कल्बे सादिक के बारे में कहा जाता है कि उनकी सर्वधर्म स्वीकार्यता थी। मौलाना धर्मकर्म के कामों के बीच पढ़ाई पर बहुत जोर दिया करते थे। उनके प्रयासों से तमाम संस्थान शुरू हुए। एरा मेडिकल कॉलेज, यूनिटी कॉलेज जैसे तमाम शिक्षण संस्थानों के वह फाउंडेशन मेम्बर रहे हैं। उनकी सोच थी कि समाज मे गरीबी, अंधविश्वास, संकीर्णता, कुरीतियां और सांप्रदायिकता को सिर्फ अच्छी शिक्षा से ही खत्म किया जा सकता है।

सीएए और एनआरसी का किया था विरोध

मौलाना कल्बे सादिक ने लखनऊ में घण्टाघर पर सीएए और एनआरसी के विरोध में चल रहे महिलाओं के धरना प्रदर्शन का समर्थन किया था और इसे काला कानून बताया था।



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