Monday, May 10, 2021
Home राजनीति यूपी: पांचवी के बाद पढ़ाई नहीं छोड़ेंगी बेटियां, छात्राओं ने कहा-सोनू अंकल...

यूपी: पांचवी के बाद पढ़ाई नहीं छोड़ेंगी बेटियां, छात्राओं ने कहा-सोनू अंकल की साइकिल से पार करेंगे जंगल


पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर


कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

यूपी के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के सारादह की रहने वाली माया ने कक्षा पांच पास करने के बाद पढ़ाई इसलिए छोड़ दी क्योंकि आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल जाने के लिए गांव से 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता। जंगल के बीच रास्ता और पैदल जाने की समस्या के चलते परिजनों ने उसकी पढ़ाई छुड़वा दी। यह तो महज बानगी भर है। क्षेत्र के बरही, सारादह, छातो में 50 प्रतिशत बालिकाओं की इसी वजह से पढ़ाई छूट जाती है। 



सोनू सूद के प्रयास से अब ऐसा नहीं होगा। अब बेटियां यह लंबा सफर आसानी से तय कर सकेंगी और अपनी आगे की पढ़ाई भी पूरी कर सकेंगी। छात्राओं का कहना है कि सोनू अंकल ने अब उन्हें स्कूल पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई है। उन्होंने ऐसी ही छात्राओं को 25 साइकिल भेजीं हैं। 10 साइकिल की व्यवस्था होप वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से भी की गई है। जिसे ट्रस्ट के माध्यम से शनिवार या रविवार को बांटा जाएगा।

 

बरही गांव में आठवीं कक्षा पास करने के बाद पढ़ाई के लिए अहरौरा स्थित स्कूल जाना होता है जिसकी दूरी 13 किलोमीटर है। इसी प्रकार सारादह गांव की बालिकाओं को पांचवीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए 15 किलोमीटर का सफर तय करना होता है। छातो की बच्चियों को पांचवीं पास के बाद नौ किलोमीटर दूर स्थित अहरौरा बाजार जाना होता है। साइकिल की व्यवस्था न होने से बेटियां शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। 

होप टीम के साथी संतोष ने अभिनेता सोनू सूद को ट्वीट कर समस्या से अवगत कराया। उसमें 35 बालिकाओं के लिए साइकिल देने का अनुरोध किया गया था, जिस पर जवाब आया कि गांव की हर लड़की के पास साइकिल होगी और हर लड़की पढ़ेगी। सोनू के कार्यालय से जानकारी दी गई, उस हिसाब से वाराणसी के किसी वेंडर को साइकिल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। बरही में अभी हाल में ही साइकिल दी जाएगी, आगे सर्वे करके सुकृत इलाके की जरूरतमंद छात्राओं को भी साइकिल दी जाएगी। 

 

नक्सल प्रभावित इलाकों की मलीन बस्ती में रह रहे गरीब बच्चियों को स्कूल जाने के लिए बारह किलोमीटर की दूरी पैदल तय करना पड़ती है। जिसकी जानकारी मिलते ही सोनू सूद ने गांव के पच्चीस परिवार की लड़कियों को साइकिल देने का वादा किया। सोनू सूद ने ट्रस्ट के सचिव दिव्यांशु उपाध्याय को निर्देशित किया कि जल्द ही गांव की बेटियों को साइकिल बांटने का इंतजाम करें। जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए पैदल रास्ता तय न करना पड़े।

बरही गांव निवासी संतोष चौहान ने बताया कि दो दिन पूर्व उसने सोनू सूद को ट्वीट कर सहायता की मांग की थी। ट्विट के दौरान संतोष ने लिखा कि नक्सल प्रभावित गांव की लड़कियों के पास साइकिल नहीं होने से वह पढ़ नहीं पा रही हैं। गांव में 35 लड़कियां हैं जिनमें अधिकांश के पास साइकिल नहीं है। गांव से आठ से दस किलोमीटर की दूरी पर स्कूल होने से वह पहुंच नहीं पाती है। डर के मारे वह स्कूल जाने से कतराती रहती हैं। साइकिल बांटने की जानकारी मिलते ही गांव में खुशी का ठिकाना नहीं है। संतोष ने बताया कि उसने सोनू सूद को जवाब दिया कि चाय के साथ ग्रामीण खोआ भी खिलाने की तैयारी में जुट गए हैं, बस आप आ जाइए। अध्यक्ष रवि मिश्रा ने बताया कि गांव की खुशबू, संगीता, साधना सहित कई बालिकाओं को लाभ पहुंचेगा।

साइकिल बाटने की तैयारी में जुटी संस्था
बरही गांव में 35 साइकिल को एक सप्ताह के भीतर बांटने की तैयारी में सोनू सूद की संस्था जुट गई है। संस्था से जुड़े हुए लोगों ने गांव पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी सप्ताह के भीतर कक्षा छह से आठवीं में पढ़ने वाली छात्राओं के बीच साइकिल का वितरण किया जाएगा। 

सोनू सूद ने किया ट्वीट-

सार

  • आगे की पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था 15 किलोमीटर दूर 
  • अभिनेता सोनू सूद भेज रहे हैं पूरे गांव के लिए साइकिल 

     

विस्तार

यूपी के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के सारादह की रहने वाली माया ने कक्षा पांच पास करने के बाद पढ़ाई इसलिए छोड़ दी क्योंकि आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल जाने के लिए गांव से 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता। जंगल के बीच रास्ता और पैदल जाने की समस्या के चलते परिजनों ने उसकी पढ़ाई छुड़वा दी। यह तो महज बानगी भर है। क्षेत्र के बरही, सारादह, छातो में 50 प्रतिशत बालिकाओं की इसी वजह से पढ़ाई छूट जाती है। 


सोनू सूद के प्रयास से अब ऐसा नहीं होगा। अब बेटियां यह लंबा सफर आसानी से तय कर सकेंगी और अपनी आगे की पढ़ाई भी पूरी कर सकेंगी। छात्राओं का कहना है कि सोनू अंकल ने अब उन्हें स्कूल पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई है। उन्होंने ऐसी ही छात्राओं को 25 साइकिल भेजीं हैं। 10 साइकिल की व्यवस्था होप वेलफेयर ट्रस्ट के माध्यम से भी की गई है। जिसे ट्रस्ट के माध्यम से शनिवार या रविवार को बांटा जाएगा।

 





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular