Wednesday, October 20, 2021
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रद्द होंगी हाईस्कूल, इंटर परीक्षा के लिए तैयार साढ़े तीन करोड़ कॉपियां


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यूपी बोर्ड की ओर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा निरस्त करने के निर्णय से परीक्षा केंद्रों पर भेजी गईं उत्तर पुस्तिकाओं के रद्दी बनने का खतरा बन गया है। बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 29.94 लाख और इंटरमीडिएट में 26.10 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। बोर्ड के मानक के आधार पर हाईस्कूल की परीक्षा के लिए दो करोड़ और इंटरमीडिएट के लिए कुल डेढ़ करोड़ कॉपी परीक्षा के लिए भेजी गई थीं।

अब इन कॉपियों को परीक्षा केंद्रों से वापस मंगाया जाएगा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की प्रति कॉपी की कीमत लगभग  3.50 रुपये है। इसी प्रकार इंटर की प्रति कॉपी की कीमत पांच रूपये पड़ती है। बोर्ड हर साल इंटर की कॉपियों पर नकल रोकने के लिए पंचिंग करता रहा है। दो साल से कॉपियों की लाइनिंग भी अलग-अलग रंग की करवाई जा रही है। यूपी बोर्ड का मानना है कि 2021 की परीक्षा निरस्त होने के बाद कॉपियों को अगले वर्ष की परीक्षा में प्रयोग में लाया जाएगा। इससे कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा।

बोर्ड परीक्षा की कॉपी चेक करने वाले शिक्षकों का झटका

कोरोना के चलते डेढ़ वर्ष से स्कूल बंद हैं, ऐसे में सबसे अधिक परेशानी में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक हैं।बोर्ड परीक्षा होने की स्थिति में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को परीक्षा में ड्यूटी के साथ उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का अवसर मिल जाता, ऐसे में वह संक्रमण के दौर में कुछ आर्थिक लाभ पा सकते थे। अब परीक्षा निरस्त होने के बाद उनके पास कॉपी जांचने का मौका भी हाथ से चला गया। वित्तविहीन शिक्षकों ने बार-बार सरकार से दूसरे वर्गों की तरह आर्थिक सहायता की मांग की है परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई।

शताब्दी वर्ष में बोर्ड परीक्षा परिणाम का टूटेगा रिकार्ड, अबकि 100 फीसदी होंगे पास
यूपी बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट की परीक्षा निरस्त करने के बाद अब इस वर्ष बारहवीं के सभी छात्र-छात्राएं पास हो जाएंगे। यूपी बोर्ड की ओर से 2013 एवं 2014 में जारी इंटरमीडिएट का परिणाम क्रमश: 92.68 और 92.21 फीसदी रहा है। यह परिणाम अब तक का सबसे अच्छा परिणाम कहा जाता है। बोर्ड की ओर से इस बार परीक्षा नहीं कराने के निर्णय के बाद यह रिकार्ड टूट जाएगा। अबकि बोर्ड में सभी परीक्षार्थी पास हो जाएंगे। इस बार  परिणाम शत प्रतिशत आएगा। यूपी बोर्ड के इतिहास में शताब्दी वर्ष के मौके पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा नहीं होगी।

सीबीएसई 12 वीं की परीक्षा निरस्त होते ही तय हो गया था नहीं होगी यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा
सीबीएसई, सीआईएसई की ओर से 12 वीं की परीक्षा निरस्त करने के बाद तय हो गया था कि अब यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा रद्द होगी। सीबीएसई, आईसीएसई की ओर से भले ही एक जून को बारहवीं की परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी हुआ परंतु यूपी बोर्ड की ओर से इससे पहले ही 24 मई को ही इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा रद्द करने की तैयारी हो गई थी। बोर्ड की ओर से 11 वीं के छमाही एवं वार्षिक परीक्षा के अंक मांगे जाने के बाद तय हो गया था कि परीक्षा रद्द होगी।

स्कूलों में नहीं हुई 12वीं छमाही, प्री बोर्ड परीक्षा, कैसे भेजें नंबर- यूपी बोर्ड की से जिला विद्यालय निरीक्षकों से दसवीं और बारहवीं की छमाही, प्री बोर्ड परीक्षा के अंक मांगे गए हैं। बोर्ड एवं सरकार के निर्देश के बाद भी बड़ी संख्या में स्कूलों में प्री बोर्ड परीक्षा नहीं हुई है तो वह बच्चों के नंबर कैसे भेजें। यूपी बोर्ड की ओर से बारहवीं के अंक मांगे जाने के बाद प्रदेश के 32 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों ने छात्रों के अंक नहीं भेजे। अब इससे साफ हो गया है कि प्रदेश के बड़ी संख्या में स्कूलों में प्री बोर्ड और छमाही परीक्षा नहीं कराई गई है।

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यूपी बोर्ड की ओर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा निरस्त करने के निर्णय से परीक्षा केंद्रों पर भेजी गईं उत्तर पुस्तिकाओं के रद्दी बनने का खतरा बन गया है। बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में 29.94 लाख और इंटरमीडिएट में 26.10 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। बोर्ड के मानक के आधार पर हाईस्कूल की परीक्षा के लिए दो करोड़ और इंटरमीडिएट के लिए कुल डेढ़ करोड़ कॉपी परीक्षा के लिए भेजी गई थीं।

अब इन कॉपियों को परीक्षा केंद्रों से वापस मंगाया जाएगा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की प्रति कॉपी की कीमत लगभग  3.50 रुपये है। इसी प्रकार इंटर की प्रति कॉपी की कीमत पांच रूपये पड़ती है। बोर्ड हर साल इंटर की कॉपियों पर नकल रोकने के लिए पंचिंग करता रहा है। दो साल से कॉपियों की लाइनिंग भी अलग-अलग रंग की करवाई जा रही है। यूपी बोर्ड का मानना है कि 2021 की परीक्षा निरस्त होने के बाद कॉपियों को अगले वर्ष की परीक्षा में प्रयोग में लाया जाएगा। इससे कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा।



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