Saturday, June 25, 2022
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रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से चर्चा में आई ये फिल्म, जानें क्या है वजह


नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) के साथ ही दुनिया भर में एक बार फिर हिंसा और अहिंसा की बहस तेज हो गई है. दोनों पक्षों की अपनी-अपनी धारा है, अलग-अलग विचारधारा है. विचारधाराओं का यह टकराव एक ऐसी प्रक्रिया है, जो लगातार चलती रहती है. दुनिया भर में शांति-अहिंसा और लोकतंत्र को चाहने वालों की बड़ी तादाद है. लेकिन ऐसे लोग भी कम नहीं हैं, जिन्हें तानाशाही, हिंसा और युद्ध भी लुभाते हैं. इसलिए आज भी महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को अपना आदर्श मानने वालों के साथ-साथ, हिटलर में अपना आइडियल खोजने वाले भी बड़ी संख्या में मिलते हैं. महात्मा गांधी और एडॉल्फ हिटलर (Adolf Hitler) दुनिया की दो ऐसी चर्चित शख्सियतें हैं, जिन्हें तमाम फिल्मकारों ने अपने-अपने तरीके से परिभाषित किया है. ऐसी ही विषयवस्तु के कारण नलिन सिंह की नई फिल्म ‘द प्रोटोकॉल’ (The Protocol) भी आजकल चर्चा में है.

गांधी और हिटलर की विचारधारा पर बनी फिल्म

‘द प्रोटोकॉल’ के जरिए एक्टर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और स्क्रिप्ट राइटर नलिन सिंह (Nalin Singh) ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण विषयवस्तु को पर्दे पर उतारा है. 25 मिनट की यह शॉर्ट पीरियड फिल्म गांधी और हिटलर की दो ध्रुवीय विचारधाराओं के टकराव को बेहद संजीदगी और ईमानदारी से पर्दे पर पेश करती है. ‘द प्रोटोकॉल’ का निर्माण एनआरएआई प्रोडक्शन ने किया है. 26 मार्च को ओटीटी प्लेटफार्म हंगामा डॉट कॉम और वीआई मूवीज पर ‘द प्रोटोकॉल’ रिलीज हो रही हैं. अप्रैल के पहले हफ्ते में ये फिल्म एमएक्स प्लेयर पर भी आ जाएगी.

वैचारिक मतभेदों को किया गया बयां

इस फिल्म की कहानी के दो मुख्य पात्रों, महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) और हिटलर के इर्द-गिर्द घूमती है. फिल्म में गांधी और हिटलर के वैचारिक मतभेद को चित्रित किया गया है. निर्देशक नलिन सिंह की फिल्म दिखाती है कि कैसे महात्मा गांधी ने अपने दिमाग की ताकत से एक बड़ी जनसंख्या की सोच-समझ को प्रभावित किया, वहीं हिटलर ने हिंसा के दम पर दुनिया के एक हिस्से पर राज किया. एक तरफ गांधी हैं, जो लोगों के मन को बदलने और अहिंसा में यकीन रखते हैं, तो दूसरी तरफ हिटलर है, जो लोगों की जान लेने और हिंसा में विश्वास करता है. यह फिल्म महात्मा गांधी की सोच और अहिंसा की ताकत को भी सामने रखती है, जहां भारत की स्वतंत्रता के बाद गांधी को राष्ट्रपिता के रूप में जाना गया और दुनिया में उनकी अहिंसा की थ्योरी को खुले दिल से आत्मसात किया.

इन सितारों ने किया काम

हिटलर (Adolf Hitler) की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए फिल्म दिखाती है कि कैसे अपने आखिरी समय में उसने ईवा ब्राउन से शादी कर ली और अपने समर्थकों के लिए एक खत छोड़ गया. ‘द प्रोटोकॉल’ के जरिये नलिन सिंह (Nalin Singh) दुनिया के दो शक्तिशाली व्यक्तियों के परस्पर विरोधी दर्शन के बारे में बात करते हैं. फिल्म में आकाश डे ने हिटलर और प्रिय रंजन त्रिवेदी ने गांधी का किरदार निभाया है.

‘लोकतांत्रिक सिद्धांतों को मजबूत करने की कोशिश’

फिल्म के मकसद और सामाजिक संदेश पर चर्चा करते हुए नलिन सिंह (Nalin Singh) कहते हैं, ‘यह फिल्म दुनिया भर में लोकतांत्रिक सिद्धांतों को मजबूत करने की एक कोशिश है, जिससे अखंड भारत के सपने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है. हम कहना चाहते हैं कि इस खूबसूरत ख्वाब को सिर्फ प्रेम, अहिंसा और सद्भाव के जरिये ही हकीकत में बदला जा सकता है. भारत विभिन्न संस्कृतियों और धार्मिक मान्यताओं वाला देश है. फिल्म के जरिए हम बताना चाहते हैं कि प्रेम और सद्भाव से ही हम देश में संविधान और लोकतंत्र को स्थापित कर सके. इसलिए आज पूरी दुनिया को शांति-अहिंसा को अपनाने की जरूरत है. हमारी फिल्म इसी दिशा में एक छोटा सा प्रयास है.

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