Tuesday, June 28, 2022
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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच इस दवाई की बढ़ रही मांग, कीमतों में जबरदस्त उछाल


नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध को 25 दिन हो चुके हैं. यह युद्ध उम्मीद से ज्यादा लंबा खिंचता नजर आ रहा है. जैसे-जैसे यह संघर्ष लंबा खिंचता दिख रहा है, वैसे ही तीसरे विश्व युद्ध के साथ परमाणु हमले (Nuclear Attack) की भी आशंकाएं तेज हो गईं हैं. युद्ध के संघर्ष का अंतराल लंबा होने से अमेरिका और यूरोप में पोटैशियम आयोडाइड (Potassium Iodide) की दवा की भी मांग में बढ़ोतरी देखी गई है.

परमाणु हमले से क्या होगा?

परमाणु हमले के होने की स्थिति में या फिर परमाणु संयंत्रों के क्षतिग्रस्त होने से हवा में रेडियोएक्टिव आयोडीन फैल जाएगा. ऐसे में संभव है कि यह आयोडीन फेफेड़ों या फिर थायराइड ग्रंथि द्वारा अवशोषित कर लिया जाए जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक हो जाएगा.

मांग बढते ही बढ़ने लगे दाम

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में एक दवा के दाम बढ़ गए हैं. रूस के यूक्रेन में हमले के बाद से थायरोसेफ पोटैशियम आयोडाइड के दाम बढ़ा दिए गए हैं. वहीं लंदन की BTD स्पेशियलिटी फार्मस्यूटिक्ल्स का भी कहना है कि अमेरिका में पोटैशियम आयोडाइड संबंधी दवा की मांग बढ़ गई है.

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क्या होता है पैटोशियम आयोडाइड?

यह पैटेशियम और आयोडीन के तत्वों से मिलकर बनता है जिसे रासायनिक रूप से KI के रूप में लिखा जाता है. अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल (CDC) के अनुसार, पोटेशियम आयोडाइड आयोडीन का एक नमक है जो थायराइड ग्रंथि को रेडियोएक्टिव आयोडीन अवशोषित करने से रोकता है. इस तरह से वह ग्रंथि में विकिरण के घाव होने से रोकता है.

थायराइड ग्रंथि और आयोडीन

थायराइड ग्रंथि मानव शरीर में बहुत सारे ऐसे हारमोन पैदा करती है जो शरीर को नियंत्रित करते हैं. रेडियोधर्मी आयोडिन थायराइड ग्रंथि में घाव होता है और इससे कैंसर तक हो सकता है. सीडीसी का यहां तक कहना है कि आमतौर पर जो नमक घरों में खाने के लिए उपयोग में लाया जाता है उसमें इतना आयोडीन नहीं होता है जो रेडियोएक्टिव आयोडीन को थायराइड ग्रंथि में आने से रोकने के लिए काफी रहे. इसीलिए इस बात का अनुमोदन किया जाता है कि खाने में सामान्य नमक की जगह पोटैशियम आयोडाइड का उपयोग किया जाए.

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कैसे काम करता है पोटैशियम आयोडाइड

दरअसल थाइराइड ग्रंथि साधारण नमक और रेडियोधर्मी आयोडीन में अंतर नहीं कर पाता है और वह दोनों का ही अवशोषण कर लेते हैं. लेकिन सीडीसी का कहना है कि पोटैशियम आयोडाइड रेडियोधर्मी आयोडीन को थायराइड में जाने से रोक लेता है. केआई खाने से थायराइड दवा का स्थिर आयोडिन अवशोषित करता है. इससे थायराइड ग्रंथि में इतना ज्यादा आयोडीन हो जाता है जिससे वह अगले 24 घंटे में और आयोडीन अवशोषित ही नहीं कर पाता है.

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