Friday, July 30, 2021
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सावधान! वाराणसी में सड़कों पर घूम रहे हजारों संक्रमित, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी


प्रतीकात्मक तस्वीर
– फोटो : संजय कुमार

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वाराणसी में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके पीछे कारण माना जा रहा है कि हजारों संक्रमित लोग शहर में सड़कों पर घूम रहे हैं। जांच नहीं कराने या पॉजिटिव होने के बाद भी लापरवाही कर बाहर आने के चलते दूसरे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। लक्षण के बाद भी जांच नहीं कराने वाले ज्यादा घातक है।

यही कारण है कि जिला प्रशासन बार-बार लोगों से भीड़ से बचने सहित अन्य एडवाइजरी जारी कर रही है। पिछले 10 दिन में करीब 9000 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज जिले में मिल चुके हैं। इसमें 2000 मरीजों की जानकारी जिला प्रशासन के पास नहीं है। इसके अलावा ज्यादातर लक्षण वाले लोग भी लापरवाही कर शहर में घूम रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक संक्रमण फैलने के पीछे स्वस्थ आदमी के संक्रमितों के संपर्क में आना वजह मानी जा रही है। इसमें ज्यादातर लोग घरों से बाहर बाजार में निकलने की वजह से ही संक्रमित हो रहे हैं। 

बहुत ज्यादा जरूरत हो तभी घर से निकलें : मंडलायुक्त 

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया की लोगों को जब ज्यादा जरूरत हो तभी घर से निकलें। घर से निकलने और वापस घर जाने में आप परिवार के अन्य सदस्यों को भी संक्रमित कर देंगे। इस समय काशी में आना सही नहीं है। प्रशासन मंदिरों का ऑनलाइन दशर्न कराने की तैयारी कर रहा है।  

कोविड मरीजों के लिए बीएचयू सहित शहर भर के अस्पतालों में बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। जिनमें आयुर्वेद अस्पताल में 100 बेड और हेरिटेज में 500 बेड की व्यवस्था की गई है। लोगों को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है, प्रशासन का सहयोग करें तभी खुद और परिवार की सुरक्षा कर सकेंगे।

काशी कोविड रिस्पोंस सेंटर की शुरूआत

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने केसीआरसी (काशी कोविड रिस्पोंस सेंटर) की शुरुआत की है। जिसके लिए 24 घंटे टोल फ्री नंबर 1077, 2720005, 222193, 2221941, 2221942, 18001805567 जारी किया गया है।

यह बातें बुधवार को कचहरी स्थित आयुक्त सभागार में किये गये प्रेसवार्ता में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताईं। बताया कि लैंडलाइन के साथ ही पांच अन्य मोबाइल नंबर भी एक्टिव करा लिए गए हैं। जिसमें वैक्सीन, कोरोना टेस्ट, होम आइसोलेशन आदि सेवाओं के लिए अलग-अलग रखे गए हैं। इनका संचालन सिगरा स्थित कमांड कंट्रोल रूम से किया जाएगा।

विकास भवन में होम आइसोलेशन कॉलिंग सेंटर स्थापित कर 20 टेलीफोन और 40 कर्मी लगाए गए हैं। जहां से प्रतिदिन दो पालियों में प्रात: 8 बजे से रात 10 बजे तक कोविड मरीजों से सम्पर्क किया जाएगा। इसमें 500 टीमें लगाई गई हैं, जो बीएसए कार्यालय को केंद्र बनाकर कार्य कर रही है। टीम के लिए 25 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। 

शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पुलिस को सक्रिय कर दिया गया है। किसी भी दुकान या प्रतिष्ठानों पर अब नियमों का उल्लंघन किया जाएगा तो कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। मास्क और सामाजिक दूरी का पालन न करने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट चालकों पर भी सख्ती

मास्क और सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट चालकों पर भी अब सख्त कार्रवाई होगी। शहर भर में संचालित होने वाले ऑटो व ई-रिक्शा सहित अन्य सवारी गाड़ियों में नियम से ज्यादा सवारी बैठाने और कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर अब जुर्माना और कार्रवाई की जाएगी।
 

वाराणसी में कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके पीछे कारण माना जा रहा है कि हजारों संक्रमित लोग शहर में सड़कों पर घूम रहे हैं। जांच नहीं कराने या पॉजिटिव होने के बाद भी लापरवाही कर बाहर आने के चलते दूसरे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। लक्षण के बाद भी जांच नहीं कराने वाले ज्यादा घातक है।

यही कारण है कि जिला प्रशासन बार-बार लोगों से भीड़ से बचने सहित अन्य एडवाइजरी जारी कर रही है। पिछले 10 दिन में करीब 9000 से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज जिले में मिल चुके हैं। इसमें 2000 मरीजों की जानकारी जिला प्रशासन के पास नहीं है। इसके अलावा ज्यादातर लक्षण वाले लोग भी लापरवाही कर शहर में घूम रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक संक्रमण फैलने के पीछे स्वस्थ आदमी के संक्रमितों के संपर्क में आना वजह मानी जा रही है। इसमें ज्यादातर लोग घरों से बाहर बाजार में निकलने की वजह से ही संक्रमित हो रहे हैं। 

बहुत ज्यादा जरूरत हो तभी घर से निकलें : मंडलायुक्त 

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया की लोगों को जब ज्यादा जरूरत हो तभी घर से निकलें। घर से निकलने और वापस घर जाने में आप परिवार के अन्य सदस्यों को भी संक्रमित कर देंगे। इस समय काशी में आना सही नहीं है। प्रशासन मंदिरों का ऑनलाइन दशर्न कराने की तैयारी कर रहा है।  

कोविड मरीजों के लिए बीएचयू सहित शहर भर के अस्पतालों में बेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। जिनमें आयुर्वेद अस्पताल में 100 बेड और हेरिटेज में 500 बेड की व्यवस्था की गई है। लोगों को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है, प्रशासन का सहयोग करें तभी खुद और परिवार की सुरक्षा कर सकेंगे।

काशी कोविड रिस्पोंस सेंटर की शुरूआत

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने केसीआरसी (काशी कोविड रिस्पोंस सेंटर) की शुरुआत की है। जिसके लिए 24 घंटे टोल फ्री नंबर 1077, 2720005, 222193, 2221941, 2221942, 18001805567 जारी किया गया है।

यह बातें बुधवार को कचहरी स्थित आयुक्त सभागार में किये गये प्रेसवार्ता में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताईं। बताया कि लैंडलाइन के साथ ही पांच अन्य मोबाइल नंबर भी एक्टिव करा लिए गए हैं। जिसमें वैक्सीन, कोरोना टेस्ट, होम आइसोलेशन आदि सेवाओं के लिए अलग-अलग रखे गए हैं। इनका संचालन सिगरा स्थित कमांड कंट्रोल रूम से किया जाएगा।

विकास भवन में होम आइसोलेशन कॉलिंग सेंटर स्थापित कर 20 टेलीफोन और 40 कर्मी लगाए गए हैं। जहां से प्रतिदिन दो पालियों में प्रात: 8 बजे से रात 10 बजे तक कोविड मरीजों से सम्पर्क किया जाएगा। इसमें 500 टीमें लगाई गई हैं, जो बीएसए कार्यालय को केंद्र बनाकर कार्य कर रही है। टीम के लिए 25 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। 


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नियमों के उल्लंघन पर होगी कठोर कार्रवाई



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