Friday, April 16, 2021
Home भारत सिद्धारमैया ने कहा- मुख्यमंत्री येडियुप्पा 'ऑपरेशन कमल' के पिता हैं

सिद्धारमैया ने कहा- मुख्यमंत्री येडियुप्पा ‘ऑपरेशन कमल’ के पिता हैं


बेंगलुरु. मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने गुरुवार को कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) ने कर्नाटक (Karnataka) की अधिकांश ग्राम पंचायतों (Gram Panchayats) में जीत हासिल करके अच्छा प्रदर्शन किया. वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया (Siddharamaiah) ने विपक्षी सदस्यों को लुभाने के लिए अपने अभियान को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया. 22 दिसंबर और 27 दिसंबर को दो चरणों में मतदान के साथ 5728 ग्राम पंचायतों के लिए मतदान हुए थे. गुरुवार को आए नतीजों में कुल 91,339 सदस्य चुने गए थे.

येडियुरप्पा ने कहा कि “भाजपा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रदर्शन में सुधार कर रही है. ग्राम पंचायत चुनावों में, भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 60 प्रतिशत से अधिक सीटें जीतीं. 5728 ग्राम पंचायत में से, भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 3,800 से अधिक में बहुमत हासिल किया है. येदियुरप्पा ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व और स्थानीय स्तर पर सामूहिक नेतृत्व के कारण यह संभव हो पाया.

येडियुरप्पा ने कहा हम कर रहे सुधार
सीएम ने बताया कि पिछले साल हुए उपचुनावों में 15 विधानसभा सीटों में से 12 सीटें जीतने के अलावा, भाजपा ने उन दोनों विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की, जहां इस साल उपचुनाव हुए थे. उन्होंने कहा “हम अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार कर रहे हैं.” हालांकि, सिद्धारमैया ने बीजेपी के इस दावे का खंडन किया कि उसने ग्राम पंचायत में बहुमत हासिल किया है.ये भी पढ़ें- योगी सरकार ने शुरू की नोएडा-गाजियाबाद से पटना के लिए डायरेक्ट बस सेवा, जानें

सिद्धारमैया ने कहा कि “येदियुरप्पा ऑपरेशन कमल’ के पिता हैं. अपनी धन शक्ति का उपयोग करके वे ग्राम पंचाय चुनावों में जीते हमारी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. सिद्धारमैया ने कहा कि ग्राम पंचायत के बहुमत से झूठे दावे करने से सीएम पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता है.

कांग्रेस के मुताबिक, ऑपरेशन कमल

कथित तौर पर भाजपा के लिए विपक्षी दलों, विशेष रूप से सत्तारूढ़ दलों को छोड़ने के लिए विधायकों को हासिल करने की कोशिश है.

राजनीतिक विश्लेषक मंजुनाथ ने बताया कि चूंकि ग्राम पंचायत चुनाव एक गैर पार्टी आधार पर लड़े गए थे, इसलिए सभी दलों के लिए जीत का दावा करना आसान था.

उन्होंने कहा, ‘कई सीटों पर यह भगवा पार्टी के साथ कांटे की टक्कर के रूप में दिख रही थी, जिसमें कि भगवा पार्टी आगे थी. जेडीएस तीसरी है. हालांकि, सत्ता में होने का मतलब है कि बीजेपी को अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थकों को आकर्षित करने की कोशिश में प्राकृतिक लाभ मिलता है, ताकि वे ग्राम पंचायतों का नेतृत्व कर सकें.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular