Monday, May 10, 2021
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सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन के खिलाफ जांच शुरू, बैठक करने पर लगी रोक


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घूस लेने के आरोप में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के चेयरमैन कमलेश सिंह के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। जांच डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी कर रही है। प्रथम दृष्टया ऑडियो में अध्यक्ष की आवाज होने की बात कही जा रही है। बृहस्पतिवार को उनका भी पक्ष सुना जाएगा। फिर जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक उनके बैठक लेने पर रोक लगा दी गई है। उधर, आरोप का पूरा विवरण शासन को भी भेजा जाएगा।

शादी को लेकर पिता की आपत्ति तथा मुकदमा लिखाए जाने के बाद युवती को वन स्टाप सेंटर में रखा गया था। बाल कल्याण समिति के सामने सुनवाई के बाद युवती को घर भेजा जाना था लेकिन युवती के पति ने जिला प्रोबेशन अधिकारी और डीएम से शिकायत की कि समिति के अध्यक्ष रिश्वत की मांग कर रहे हैं। युवक ने इसका ऑडियो भी उपलब्ध कराया।

यह ऑडियो वायरल भी हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बुधवार को प्रारंभिक जांच में ऑडियो को सही पाया। उनका कहना है कि प्रथम दृष्टया ऑडियो में कमलेश सिंह की आवाज होने की बात सामने आ रही है। इसी क्रम में उन्होंने डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के सामने पूरा प्रकरण रखा। इसके बाद डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।

इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष का पक्ष सुना जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि  जांच पूरी होने तक कमलेश सिंह के बैठक लेने पर रोक लगा दी गई है। शासन को भी पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं कमलेश सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को डीएम से मिलकर वह अपना पक्ष रखेंगे। 
 

इसी महीने खत्म हो रहा कार्यकाल

बाल कल्याण समिति में अध्यक्ष के अलावा चार सदस्य हैं। इनका कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है। नए अध्यक्ष तथा चारों सदस्यों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 27 जनवरी को साक्षात्कार संभावित है। जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा ने बताया कि एक से पांच फरवरी के बीच नए अध्यक्ष और सदस्यों के नाम की घोषणा होने की उम्मीद है।

घूस लेने के आरोप में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के चेयरमैन कमलेश सिंह के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। जांच डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी कर रही है। प्रथम दृष्टया ऑडियो में अध्यक्ष की आवाज होने की बात कही जा रही है। बृहस्पतिवार को उनका भी पक्ष सुना जाएगा। फिर जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक उनके बैठक लेने पर रोक लगा दी गई है। उधर, आरोप का पूरा विवरण शासन को भी भेजा जाएगा।

शादी को लेकर पिता की आपत्ति तथा मुकदमा लिखाए जाने के बाद युवती को वन स्टाप सेंटर में रखा गया था। बाल कल्याण समिति के सामने सुनवाई के बाद युवती को घर भेजा जाना था लेकिन युवती के पति ने जिला प्रोबेशन अधिकारी और डीएम से शिकायत की कि समिति के अध्यक्ष रिश्वत की मांग कर रहे हैं। युवक ने इसका ऑडियो भी उपलब्ध कराया।

यह ऑडियो वायरल भी हो गया है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बुधवार को प्रारंभिक जांच में ऑडियो को सही पाया। उनका कहना है कि प्रथम दृष्टया ऑडियो में कमलेश सिंह की आवाज होने की बात सामने आ रही है। इसी क्रम में उन्होंने डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के सामने पूरा प्रकरण रखा। इसके बाद डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।

इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष का पक्ष सुना जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि  जांच पूरी होने तक कमलेश सिंह के बैठक लेने पर रोक लगा दी गई है। शासन को भी पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं कमलेश सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। बृहस्पतिवार को डीएम से मिलकर वह अपना पक्ष रखेंगे। 

 

इसी महीने खत्म हो रहा कार्यकाल

बाल कल्याण समिति में अध्यक्ष के अलावा चार सदस्य हैं। इनका कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है। नए अध्यक्ष तथा चारों सदस्यों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। 27 जनवरी को साक्षात्कार संभावित है। जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज मिश्रा ने बताया कि एक से पांच फरवरी के बीच नए अध्यक्ष और सदस्यों के नाम की घोषणा होने की उम्मीद है।



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