Sunday, January 16, 2022
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सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं है WhatsApp,साइबर सिक्योरिटी कंपनी ने किया सावधान


WhatsApp Scam Alert: कुछ दिन पहले WhatsApp के नाम पर एक बड़ा घोटाला सामने आया था. वॉट्सऐप पर Rediroff.ru के नाम से घोटाला शुरू हुआ था. इस फिशिंग घोटाले के जरिए धोखेबाज सोशल इंजीनियरिंग मेथड का इस्तेमाल करके यूजर्स व्यक्तिगत और फाइनेंशियल जानकारी तक पहुंच जाते हैं. जालसाज सबसे पहले यूजर्स को WhatsApp पर लिंक भेजते थे. जब कोई यूजर लिंक पर क्लिक करता तो नया वेबपेज खुलता. इस वेबपेज में बताया जाता कि एक सर्वे करके यूजर अच्छा इनाम जीत सकते हैं. और एक सर्वे की आड़ में यूजर्स की सारी जानकारी स्कैमर्स के पास पहुंच जाती.

लेकिन यह बात इतनी ही नहीं है. मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप के यूजर्स को चेतावनी दी गई है कि स्कैमर्स उनकी पहचान चुराने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए अलर्ट रहें.

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साइबर सिक्योरिटी एजेंसी का अलर्ट
साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्पर्सकी (cybersecurity company Kaspersky) के डायरेक्टर दिमित्री बेस्टुज़ेव (Dmitry Bestuzhev) का कहना है कि वॉट्सऐप में सुरक्षा को लेकर कई खामियां हैं. वॉट्सऐप पर यजूर्स को किसी भी तरह की अपनी पर्सनल जानकारी शेयर नहीं करनी चाहिए.

www.express.co.uk में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, दिमित्री बेस्टुज़ेव ने स्पेनिश न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि वॉट्सऐप एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं है, हालांकि कई लोग सोचते हैं कि यह महफूज है. उन्होंने कहा कि स्कैमर्स वॉट्सऐप यूजर्स के डेटा पर नजर गढ़ाए बैठे हैं और बड़े मौके की तलाश में हैं.

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निजी जानकारी शेयर ना करें
उन्होंने कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि वॉट्सऐप से लेकर अन्य किसी भी सोशल मीडिया या फिर ऐप के माध्यम से अपनी निजी जानकारी किसी के साथ कभी भी साझा ना करें. बहुत से लोग अपनी पर्सनल जानकारी साझा करते हैं और ये लोग चुटकी बजाते ही अपने बैंक खाते का कंट्रोल किसी और के हाथों में दे देते हैं.

साइबर सिक्योरिटी एजेंसी के प्रमुख का कहना है, वॉट्सऐप, जो वर्तमान में मेटा (जिसे पहले फेसबुक के नाम से जाना जाता था) के स्वामित्व में है, घोटालों के लिए कोई अजनबी नहीं है क्योंकि धोखेबाजों का टारगेट दुनिया भर में मैसेजिंग सर्विस के लगभग 200 करोड़ यूजर्स का फायदा उठाना है.

उन्होंने कहा कि यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करना या उसे चुराना ‘सिम-स्वैपिंग’ (SIM swapping) कहलाता है. और सिम स्वैपिंग तभी होती है जब स्कैमर्स किसी यजूर्स के फोन नंबर को क्लोन करते हैं और उसे एक नए सिम कार्ड में यूज करते हैं. इस तरह के उनके पास यजूर का निजी जानकारी और तमाम पासवर्ड आ जाते हैं. कुछ मामलों में स्कैमर्स फ्रॉड कॉल करके यूजर्स का डेटा चुराने का काम करते हैं.

Tags: Cyber Crime, Mobile apps, Online fraud, Whatsapp



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