Monday, April 12, 2021
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हड़ताल अवधि में अब तक 101 मौतें: भागलपुर के मायागंज अस्पताल में जा रहीं जानें, मरीज-तीमारदार परेशान


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भागलपुर34 मिनट पहलेलेखक: कृष्ण बल्लभ नारायण

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भागलपुर के मायागंज अस्पताल में सही से इलाज न होने से 14 वर्षीया सोनम कुमारी की मौत हो गई।

पूरे बिहार में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसी चरमराई कि मरीज दर्द से तड़प रहे हैं। भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भी कुछ ऐसा ही हाल है। तीमारदार परेशान हो रहे हैं, भटक रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों ने काम का बहिष्कार किया हुआ है और मरीज बेड पर उनका इंतजार कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां हड़ताल अवधि में अब तक 101 मौतें हो चुकी हैं।

सही से इलाज नहीं हुआ, 14 वर्षीया सोनम की जान चली गई
पीरपैंती प्रखंड के बड़ी मोहनपुर निवासी अशोक पासवान की 14 वर्षीया पुत्री सोनम कुमारी को परिजनों ने बुखार लगने पर मंगलवार को एक बजे दिन में मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने बताया कि वहां उसकी स्थिति सुधरने के बजाए बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने एडमिट करने के बाद बताया कि मरीज को ब्रेन में मलेरिया हुआ है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने न तो सही से इलाज किया और न ही कहीं रेफर किया। अंजाम यह हुआ कि गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई।

मासूम की लाश के पोस्टमार्टम को 22 घंटे से भटक रहे
मां वीणा देवी के साथ बाजार जा रहे 4 वर्षीय अमन कुमार को एक बाइक सवार ने ठोकर मार दी। अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में परिजनों ने उसे पीएचसी में भर्ती कराया लेकिन स्थिति गंभीर होने की वजह से पीएचसी के डॉक्टरों ने उसे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। यह घटना बुधवार की 1:30 दोपहर की है। परिजन करीब 3:30 बजे अमन को मायागंज अस्पताल लाए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों को बुधवार के 3:30 बजे से लेकर गुरुवार की दोपहर एक बजे तक तकरीबन 22 घंटे पोस्टमार्टम कराने के लिए बच्चे की लाश को गोद में लेकर इधर से उधर भटकते रहना पड़ा। परिजनों ने बताया कि मायागंज अस्पताल में आए हुए अब 24 घंटा होने को हैं फिर भी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई।

4 वर्षीय अमन के शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भटकते परिजन।

4 वर्षीय अमन के शव को लेकर पोस्टमार्टम के लिए भटकते परिजन।

अस्पताल लाने के दो घंटे के भीतर मौत
भागलपुर के अकबरनगर निवासी राजेंद्र साह को अचानक सीने में दर्द हुआ। आनन-फानन में परिजनों ने उन्हें गुरुवार की सुबह 9 बजे मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन महज दो घंटे बाद यानी 11 बजे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने साफतौर पर कहा कि यहां इलाज में लापरवाही हुई जिस वजह से उनके मरीज की मौत हो गई।

डॉक्टर की राउंडिंग सिर्फ एक बार
मायागंज अस्पताल में इलाजरत कई मरीजों के परिजनों ने बताया की डॉक्टर साहब 24 घंटे में अब मात्र एक बार ही राउंड पर आते हैं। कटिहार जिला के कुरसेला निवासी शैलेन्द्र मंडल के भतीजे हीरो मंडल, अमरपुर से आए हलधर सिंह सहित अन्य कई परिजनों का कहना है कि जब से यहां एडमिट कराया है तब से अब तक यही देखने को मिला कि डॉक्टर 24 घंटे में सिर्फ एक बार ही आते हैं।

मायागंज अस्पताल में धरने पर बैठे जूनियर डॉक्टर।

मायागंज अस्पताल में धरने पर बैठे जूनियर डॉक्टर।

मजबूरन जा रहे हैं प्राइवेट क्लीनिक में
मधेपुरा से आई पूजा कुमारी के परिजनों ने बताया कि खाना बनाने के क्रम में आग लगने से वह झुलस गई थी। 2 दिसम्बर को उसे मधेपुरा से लाकर मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। मजबूरी में आज मरीज को वापस मधेपुरा के किसी निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराने के लिए ले जाने को मजबूर हैं।



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