Tuesday, August 9, 2022
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DNA with Sudhir Chaudhary: अंतरिक्ष के कचरे को Catch करने का मिशन, जानें स्पेस में रॉकेट भेजने का खर्च कैसे होगा कम


DNA with Sudhir Chaudhary: अमेरिका की रॉकेट बनाने वाली कंपनी Rocket Lab ने अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी की तरफ गिरते रॉकेट को हवा में हेलीकॉप्टर की मदद से कैच करने की कोशिश की है. Rocket Lab ने सबसे पहले अपने Electron नाम के रॉकेट की मदद से एक साथ 34 satellites लॉन्च किए और इन सभी उपग्रहों को उनकी तय Orbit में स्थापित कर दिया. इसी के साथ रॉकेट का ईंधन खत्म हो गया और उसका main हिस्सा अंतरिक्ष से वापस पृथ्वी की तरफ गिरने लगा.  

समुद्र में गिराया गया हेलीकॉप्टर

पृथ्वी के वातावरण में घुसने के कुछ देर बाद रॉकेट के एक हिस्से में लगा पैराशूट खुल गया और दूसरे हिस्से से लगा एक हुक भी नीचे आ गया. इसी दौरान वहां उड़ान भर रहे एक हेलीकॉप्टर ने लंबी रस्सी लटकाई और उसी रस्सी के जरिए पैराशूट की रस्सी को फंसा कर रॉकेट के हिस्से को कैच करने की कोशिश की. रॉकेट से जुड़ा हुक हेलीकॉप्टर की रस्सी में फंस गया. लेकिन उसका वजन इतना ज्यादा था कि हेलीकॉप्टर के लिए उसे उठा पाना मुश्किल हो गया और मजबूरी में हेलीकॉप्टर को अपनी रस्सी छोड़ कर रॉकेट को नीचे समुद्र में गिरा देना पड़ा. 

तो क्या सफल हुआ प्रयोग?

Techinacally Rocket Lab का ये प्रयोग पूरी तरफ सफल नहीं रहा, लेकिन अंतरिक्ष से वापस धरती पर गिरते रॉकेट को कैच करने का फॉर्मुला काम कर गया. लेकिन यहां ये जानना जरूरी है कि ऐसे मिशन की जरूरी क्यों पड़ी और इससे उसे क्या फायदा होगा?

– पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल दूसरे ग्रहों की तुलना में काफी ज्यादा है, इस वजह से किसी रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजने के लिए बहुत ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है और इसके लिए बड़ी मात्रा में ईंधन चाहिए. इसीलिए रॉकेट की लंबाई के एक बड़े हिस्से में ईंधन भरा जाता है, ये हिस्सा ईंधन खत्म होने के  बाद नीचे गिर कर नष्ट हो जाता है. आमतौर पर ये समंदर में गिरता है. हर साल अंतरिक्ष से 200-400 ऐसे टुकड़े पृथ्वी की तरफ वापस गिरते हैं.

किसी भी स्पेस मिशन के लिए हर बार एक नए रॉकेट का इस्तेमाल करना पड़ता है. इसमें काफी ज्यादा खर्च आता है और इसीलिए Rocket Lab चाहती है कि वो अपने रॉकेट के इस मेन हिस्से को हवा में ही कैच कर ले और उसका बार-बार प्रयोग कर सके. 
 
दुनिया के सबसे अमीर इंसान Elon Musk की कंपनी space x के पास तो resuable रॉकेट की तकनीक मौजूद है. space x का falcon रॉकेट लॉन्च पूरा होने के बाद दोबारा पृथ्वी पर लौट आता है.

लेकिन Rocket Lab का मकसद है कि वो अपने 39 फुट लंबे रॉकेट को हेलीकॉप्टर के जरिए हवा में ही पकड़ ले और फिर रस्सियों और पैराशूट की मदद से उसे पृथ्वी पर सुरक्षित उतार ले. ये तरीका अन्य तरीकों से काफी सस्ता है. 

अगर ये तकनीक पूरी तरह काम कर गई तो इससे अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने का खर्च काफी कम हो जाएगा.

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