Tuesday, July 27, 2021
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Ebrahim Raisi के राष्ट्रपति बनते ही बढ़ी तकरार, US ने बैन की 30 से ज्यादा ईरानी वेबसाइट


दुबई: राष्ट्रपति चुनाव में इब्राहिम रईसी (Ebrahim Raisi) की जीत के बाद अमेरिका के साथ ईरान का तनाव बढ़ गया है. इस कड़ी में मंगलवार को अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान सरकार से संबंधित कई न्यूज वेबसाइट पर रोक लगा दी. अमेरिका और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच यह एक ऐसा कदम है, जिसे ईरानी मीडिया पर अमेरिकी कार्रवाई के रूप में देखा जा सकता है.

30 से ज्यादा साइट बैन

अमेरिकी अधिकारी ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर बताया कि अमेरिका ने करीब तीन दर्जन वेबसाइट बंद की हैं, जिनमें से अधिकतर ईरान की ओर से किए जाने वाले दुष्प्रचार प्रयासों (Disinformation Efforts) से जुड़ी थीं. अमेरिकी सरकार ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने अमेरिकी सरकार की ओर से वेबसाइट बंद करने की घोषणा की, लेकिन इस मामले पर कोई विस्तृत जानकारी मुहैया नहीं कराई. यह कदम विश्व शक्तियों के तेहरान के 2015 के परमाणु समझौते को फिर से सक्रिय करने के लिए मशक्कत करने और ईरान के न्यायपालिका प्रमुख इब्राहीम रईसी की राष्ट्रपति चुनाव में जीत के कुछ दिन बाद उठाया गया है.

चुनाव में जीत के बाद रईसी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय मिलिशिया के समर्थन पर बातचीत की संभावनाओं को खारिज कर दिया था. उन्होंने साफ कहा कि बाइडेन (Joe Biden) से मिलने का उनका कोई इरादा नहीं है और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम (Ballistic Missile Program) पर ईरान कोई समझौता करने को तैयार नहीं है.

अमेरिका लगा चुका है बैन

इब्राहिम रईसी को ईरान का अब तक का सबसे कट्टरवादी राष्ट्रपति माना जा रहा है, उन पर नरसंहार जैसे कई गंभीर आरोप तक लग चुके हैं. अमेरिकी 1988 में राजनीतिक कैदियों की सामूहिक हत्या और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलने वाली ईरानी न्यायपालिका के मुखिया के तौर पर रईसी पर प्रतिबंध लगा चुका है. 

ये भी पढ़ें: US से रिश्ते सुधारने के पक्ष में नहीं ईरान के नए राष्ट्रपति, Biden से मिलने से किया इनकार

ईरान फिलहाल यूरेनियम का बड़े स्तर पर संवर्धन कर रहा है. इसे लेकर अमेरिका और इजराइल के साथ उसका तनाव काफी बढ़ा हुआ है. माना जाता है कि इन दोनों देशों ने ईरानी परमाणु केंद्रों पर कई हमले किए और दशकों पहले उसके सैन्य परमाणु कार्यक्रम को बनाने वाले वैज्ञानिक की हत्या करवाई थी.

(भाषा के इनपुट के साथ)





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