Wednesday, October 20, 2021
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HAM पक्ष में या विपक्ष में: 4 सीटों वाली जीतन राम मांझी की पार्टी ने अपनी ही सरकार पर 5 सवाल दागे, विपक्ष के सभी आरोपों को सवाल के रूप में उठाया


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पटना6 मिनट पहले

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हम पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी। - Dainik Bhaskar

हम पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी।

जीतन राम मांझी की पार्टी HAM पक्ष में है या विपक्ष में, यह अभी समझना मुश्किल है। HAM सत्तारूढ दल तो है, इससे संतोष सुमन सरकार में मंत्री भी हैं, लेकिन HAM के नेता लगातार सरकार के काम पर सवाल उठा रहें है। सत्तारूढ दल होते हुए भी अपनी ही सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। पिछले दिनों जीतन राम मांझी ने PM मोदी को तब आड़े हाथों लिया, जब वैक्सीन के सर्टिफिकेट पर उनकी फोटो देखी। कहा- डेथ सर्टिफिकेट पर भी उनकी फोटो होनी चाहिए। फिर जीतन राम मांझी ने पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की वकालत कर दी। अब 4 सीटों वाली जीतन राम मांझी की पार्टी HAM ने सरकार से पांच सवाल पूछे हैं।

दरअसल, HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में सोमवार को एक बैठक की गई। इसमें HAM के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद HAM के प्रदेश प्रवक्ता अमरेंद्र त्रिपाठी ने बयान जारी किया, जिसमें पांच सवाल खड़े किए।

ये पांच सवाल खड़े किए

  • पहला, प्रदेश में लगभग अधिकांश उप स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य व्यवस्था में बहुत कमी है। वहां पर डॉक्टर, ANM की व्यवस्था का बहुत बड़ा अभाव है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है।
  • दूसरा, सामूहिक किचन की प्रत्येक जिले में जो व्यवस्था है, उससे लोगों को लाभ नहीं पहुंच रहा। उसका कारण है कि सामूहिक किचन इतना दूर है कि गरीब परिवार के लोग वहां तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
  • तीसरा, दलित बस्तियों में सैनिटाइजेशन, डॉक्टरी जांच और सफाई की व्यवस्था कराने की बात दोहराई गई, ताकि वहां कोरोना महामारी को बढ़ने से रोका जा सके।
  • चौथा, सभी जिलों से यह शिकायत मिली कि राशन दुकान पर गरीब, दलित परिवार के लोगों को खराब राशन दिया जा रहा है और राशन जो दिया जा रहा है, उसमें भी 5 किलो से कम होता है। बहुत जगह पर जो कंट्रोल से सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, उसकी गुणवत्ता बहुत ही खराब है। इसके लिए भी ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि गरीब और दलित परिवार के लोगों को गुणवत्तापूर्ण अनाज जितना उन्हें मिलना चाहिए, उन्हें मिले। यह भी शिकायत मिली कि बहुत-सारे लोगों का राशन कार्ड अभी तक नहीं मिल पाया है, जिसके कारण गरीब और दलित परिवार को सरकारी योजना के तहत उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा ।
  • पांचवा और गंभीर सवाल, बाहर से आए मजदूरों के लिए रोजगार की व्यवस्था जो की जा रही है, वह कागजी है। लोगों को रोजगार मुहैया नहीं हो पा रहा है। इसके कारण आज बेरोजगार लोग भुखमरी के शिकार हो रहे हैं, जिसमें ज्यादातर लोग दलित और गरीब परिवार के हैं। इसलिए उन्हें रोजगार की व्यवस्था सरकारी स्तर पर जल्द से जल्द की जाए। मीटिंग के बाद जीतन राम मांझी ने कहा कि हम जल्द ही सभी बिंदुओं पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलेंगे और सारी समस्याओं को दूर कराने का काम करेंगे।

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