Wednesday, October 27, 2021
Home बिजनेस Home Loan की EMI कम होगी या नहीं? 4 जून को RBI...

Home Loan की EMI कम होगी या नहीं? 4 जून को RBI पॉलिसी में क्या होगा फैसला, जानिए एक्सपर्ट्स की राय


मुंबई: RBI Monetary Policy: क्या आपको होम लोन की EMI में राहत मिलेगी. जैसे ही रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी ऐलान के दिन नजदीक आते हैं ये सवाल घूमने लगता है. अबतक 5 लगातार बार हो चुका है कि RBI ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन क्या इस बार भी ऐसा ही होगा, इसका पता तो 4 जून को मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के फैसले के बाद ही चलेगा. 

4 जून को RBI की मॉनिटरी पॉलिसी 

हालांकि एक्सपर्ट्स यही अनुमान लगा रहे हैं कि बढ़ती महंगाई और कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए रिजर्व बैंक बेंचमार्कट ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही रखेगा. मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 2 जून, 2021 को शुरू होगी, इसके बाद रिजर्व बैंक गवर्नर 4 जून को पॉलिसी के फैसलों का ऐलान करेंगे. अप्रैल में हुई MPC की बैठक में रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. रेपो रेट को 4 परसेंट, रिवर्स रेपो रेट को 3.35 परसेंट पर ही स्थिर रखा गया था. 

ये भी पढ़ें- 7th Pay Commission: माता-पिता की मृत्यु होने पर बच्चे को मिलती है 1.25 लाख महीना पेंशन, जानिए नया नियम

पॉलिसी से पहले एक्सपर्ट की राय 

ICRA की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर का कहना है कि मौजूदा महामाही को देखते हुए इकोनॉमिक आउटलुक अनिश्चित है, हम उम्मीद करते हैं कि 2021 के बड़े हिस्से में मॉनिटरी पॉलिकी का रुख अकोमोडेटिव ही रहेगा, जबतक कि वैक्सीन कवरेज में बढ़ोतरी नहीं हो जाती. हमारा अनुमान है कि अनुमानित रीटेल महंगाई दर (Consumer Price Index) वित्त वर्ष 2021-22 में 5.2 परसेंट के आस-पास रहेगी, जो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 6.2 परसेंट थी. 

Moneyboxx Finance Finance Controller विरल शेठ का कहना है कि अगली मॉनिटरी पॉलिसी में हमारा अनुमान है कि पॉलिसी रेट्स जस के तस रहेंगे, इनमें कोई बदलाव नहीं होगा. उनका कहना है कि RBI के लिए ये जरूरी है कि वो रूरल इकोनॉमी में क्रेडिट फ्लो बढ़ाए, इसके लिए एक स्पेशल विंडो बनाए और छोटी NBFCs इसमें काफी मदद करेंगी.

Indian Bank के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पद्मजा चुंदुरू का कहना है कि MPC महंगाई पर बारीक नजर बनाए हुए है. जैसा कि दिख रहा है कि अर्थव्यस्था अभी तक खुली नहीं है और वैक्सीनेशन को लेकर अब भी अनिश्चतता बनी हुई है. इसलिए मुझे लगता है कि ब्याज दरें जहां हैं वहीं रहेगी.  

NAREDCO के नेशनल प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी का भी कहना है कि रिजर्व बैंक अकोमोडेटिव रुख बरकरार रखेगा. उनका कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, अभी जरूरी है कि सिस्टम में लिक्विडिटी को बढ़ाया जाए खास तौर पर दबाव वाली इंडस्ट्रीज के लिए. 

Andromeda और Apnapaisa के CEO वी स्वामीनाथन का कहना है कि आने वाली मॉनिटरी पॉलिसी के लिए महंगाई एक बड़ी चिंता का विषय है. पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ रहा है. मुझे उम्मीद है कि रिजर्व बैंक कोरोना की मार झेल रही इकोनॉमी के लिए कुछ ऐलान करेगा. 

लगातार छठी बार नहीं बदलेंगी दरें 

अगर 4 जून को भी रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है, तो ऐसा लगातार छठी बार होगा कि RBI ने ब्याज दरों को जस का तस रखा है. रिजर्व बैंक ने पिछले साल 22 मई को ब्याज दरों में बदलाव किया था, तब ब्याज दरों में ऐतिहासिक कटौती की थी. 

ये भी पढ़ें- EPFO खाताधारकों के लिए सबसे बड़ी खबर! 1 June से PF अकाउंट पर लागू होगा ये नियम, चूके तो होगा बड़ा नुकसान

 

LIVE TV





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular