Sunday, April 11, 2021
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India की धार्मिक विविधता का Britain भी हुआ कायल, संसद में कहा, ‘भारत में सभी को बराबरी के अधिकार मिलते हैं’


लंदन: भारत (India) की धार्मिक विविधता का ब्रिटेन (Britain) भी कायल हो गया है. ब्रिटेन की संसद में चर्चा के दौरान कहा गया कि बहुसंख्यक हिंदुओं की भारी तादाद के बावजूद भारत में धार्मिक विविधता तारीफ के काबिल है. इस दौरान, चर्चा में साझा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिटेन-भारत अंतर-धर्म वार्ता को बढ़ावा देने के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को भी रेखांकित किया गया. 

सबसे अधिक विविधता वाला देश

ब्रिटेन (Britain) के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) के मंत्री निगेल एडम्स (Nigel Adams) ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि भारत में कठिन परिस्थितियों में भी मानवाधिकार के मुद्दों को स्वतंत्र रूप से खुलकर उठाया जाता है. भारत के सेक्युलर संविधान में सभी नागरिकों को बराबरी के अधिकार हासिल हैं. उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों को हमारी तरह भारत जाने का अवसर मिला है, वह जानते हैं कि यह अद्भुत देश है. दुनिया में यह सबसे अधिक विविधताओं वाला देश है.

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Dominic Raab ने उठाए थे मुद्दे

निगेल एडम्स ने कहा, ‘मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि विदेश मंत्री डॉमिनिक राब (Dominic Raab) ने दिसंबर में भारत यात्रा के दौरान मानवाधिकार से जुड़े कई मुद्दे अपने भारतीय समकक्ष के सामने उठाए, जिसमें कश्मीर के हालात भी शामिल थे. हम आशा करते हैं कि भारत सरकार इनका समाधान करेगी और सभी धर्मों के लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगी. वह भारत के संविधान और गौरवपूर्ण समावेशी परंपरा को बनाए रखेगी’.

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भारत से मजबूत Relation पर जोर

वहीं, यूरोपीय संघ (EU) से अलग हुए ब्रिटेन के भारत सहित दूसरे देशों से रिश्ते कैसे होंगे इस पर एक रिपोर्ट आई है. ‘ग्लोबल ब्रिटेन, ग्लोबल ब्रोकर: ए ब्लूप्रिंट फॉर यूकेज फ्यूचर इंटरनेशनल रोल’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन को अपनी ऊर्जा और निवेश नरमपंथी लोकतांत्रिक देशों में लगाना चाहिए. इनमें भारत, यूरोपीय यूनियन के सदस्य देश और अमेरिका भी शामिल है. रिपोर्ट में ब्रिटेन को सुझाव दिया गया है कि वो भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया से कारोबार बढ़ाने पर जोर दे. साथ ही उन देशों से रिश्ते मजबूत करने की वकालत की गई है, जो चीन से मुकाबला कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि भविष्य में ब्रिटेन को चीन, भारत, सऊदी अरब और तुर्की से चुनौती भी झेलनी पड़ सकती है. कई उद्देश्यों की प्राप्ति में ये देश ब्रिटेन के लिए चुनौती बनेंगे. 

UK के लिए महत्वपूर्ण है भारत
रिपोर्ट में भारत का जिक्र करते हुए कहा गया है कि भारत ब्रिटेन के लिए अपरिहार्य है. जल्द ही वह दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा. वह चालू दशक में ही दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था और रक्षा बजट वाला देश बन जाएगा. वैसे तो दोनों देशों के प्रगाढ़ ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं, लेकिन उपनिवेश काल की कुछ घटनाएं रिश्तों में कड़वाहट भी पैदा कर सकती हैं. बावजूद इसके भारत का ब्रिटेन के लिए महत्वपूर्ण स्थान रहेगा.

 





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