Sunday, September 26, 2021
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LJP में क्रेडिट लेने की मची होड़: पशुपति पारस ने PM से की दिवंगत रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग, इससे पहले चिराग ने भी लिखा लेटर


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पटना9 मिनट पहले

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पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चिराग व उनके सांसद चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच लड़ाई खत्म नहीं हुई है। - Dainik Bhaskar

पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चिराग व उनके सांसद चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच लड़ाई खत्म नहीं हुई है।

जारी लड़ाई के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में क्रेडिट लेने की होड़ मच गई है। पहले तो 5 जुलाई को दोनों गुट शक्ति प्रदर्शन दिखाने में लगे हैं। जयंती मनाने को लेकर दोनों गुट अपनी-अपनी तैयारियों में लगे हैं। अब इन दोनों गुटों के बीच एक नई बात क्रेडिट लेने की होड़ मच गई है। वो है पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को मरणोप्रांत भारत रत्न दिलवाने की मांग।

कुछ दिनों पहले ही जमुई सांसद चिराग पासवान ने अपने दिवंगत पिता को भारत रत्न से सम्मान प्रदान कराने के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की थी। अपनी इस मांग को लेकर चिराग ने एक लेटर भी लिखा था। पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चिराग व उनके सांसद चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच लड़ाई खत्म नहीं हुई है। वो अभी जारी है। लड़ाई का लेवल भी काफी हाई हो चुका है। दोनों गुटों के बीच जारी जंग में अब पशुपति कुमार पारस ने भी अपने दिवंगत भाई के लिए भारत रत्न देने की मांग प्रधानमंत्री से कर दी है।

पारस ने अपने इस मांग को पूरा कराने के लिए उस शख्स से समर्थन मांगा है, जिन्हें चिराग पासवान नापसंद करते हैं। वो हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। इसके साथ ही उन्होंने हाजीपुर या पटना में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की एक प्रतिमा स्थापित करने की भी अपील की है। भारत रत्न और प्रतिमा स्थापति करने की मांग चिराग पासवान ने तब की थी, जब वो उन्होंने पार्टी में टूट के बाद दिल्ली में पहली बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की थी।

पार्टी की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति के जरिए पशुपति कुमार पारस ने कहा कि उनके बड़े भाई दलितों और दबे-कुचले लोगों के मसीहा थे। सदियों से अंधेरे घर में दिया जलाने का उनका सपना था। जिसे साकार करने में LJP कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उनकी वजह से ही हाजीपुर का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ।

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