Sunday, May 16, 2021
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Malaria Research: मलेरिया से जंग लड़ रही थी दुनिया, हजारों साल से भारत में ही था इलाज


नई दिल्ली: मलेरिया मच्छरों (Malaria Mosquitoes) से होने वाली एक बीमारी है, जिसका इलाज एक समय पर नहीं था. करीब 3,50,000 साल पहले जब इंसानों ने अफ्रीका (Africa) से बाहर निकलना शुरू किया था, तब उन्होंने घास के मैदान और एशिया (Asia) के रेगिस्तान (Desert) जैसे सूखे इलाकों की तलाश की थी. लेकिन यहां मलेरिया (Malaria) का कारण बनने वाले मच्छरों की भी भरमार थी.

भारत में इंसानों का प्रवेश कैसे हुआ, वैज्ञानिकों (Scientist) के लिए यह एक अनसुलझी पहेली है. हालांकि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में इस सवाल का जवाब मिला है. 

भारत में कैसे हुआ लोगों का प्रवेश

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय जर्नल ‘क्वाटरनरी इंटरनेशनल’ में प्रकाशित अध्ययन की प्रमुख लेखिका डॉ. अत्तिला जे ट्रेजर कहती हैं कि जब विज्ञान की उत्पत्ति नहीं हुई थी, तब भी भारतीय चिकित्सा (Indian Medicine) बीमारियों से लड़ने और उसे खत्म करने में सक्षम रही है. हंगरी की पनोनिया यूनिवर्सिटी में सस्टेनेबिलिटी सॉल्यूशंस रिसर्च लैब (Sustainability Solutions Research Lab) के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च (Research) की है.

इस रिसर्च में सामने आया कि हजारों साल पहले कैसे और क्यों इंसानों ने शुष्क क्षेत्रों (Dry Areas) का रुख किया. अफ्रीका (Africa) के बाहर बसने और इंसानों के पलायन की वजहों की तलाश करने के लिए वैज्ञानिकों ने 449 पुरातात्विक स्थलों का अध्ययन किया है, जिनमें से 94 स्थल भारत में हैं.

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मलेरिया जैसी बीमारियां थीं पलायन की वजह

डॉ. ट्रेजर कहती हैं कि अध्ययन में सामने आया कि मलेरिया (Malaria) जैसी बीमारियां इंसानों के पलायन के पीछे की बड़ी वजह हो सकती हैं. मलेरिया परजीवी मच्छर (Parasitic Mosquito) 23 से 28 मिलियन साल पहले यानी इंसानों के आने से लाखों साल पहले से मौजूद थे. ऐसा कहा जाता है कि इंसानों के पूर्वजों के शरीर में कम से कम एक परजीवी (Parasitic) मौजूद था.

ऐसा भी माना जाता है कि इंसानों के विकास की तरह ही मलेरिया परजीवी (Malarial Parasite) का भी विकास हुआ. लगभग 60-70 हजार साल पहले इंसानों का मूवमेंट दक्षिण एशिया की ओर हुआ. 

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आयुर्वेद की शुरुआत की हो सकती है ये वजह

करीब 12 हजार साल पहले यानी नवपाषाण क्रांति से पहले, विवैक्स के नॉर्मल वेरिएंट (Normal Variants) के भारत में मौजूद होने की संभावना जताई गई है. शोधकर्ता (Researcher) डॉ. ट्रेजर कहती हैं कि भारत में जैसे-जैसे मलेरिया के पैरासाइट्स डेवलप (Parasites Development) होने शुरू हुए होंगे, भारत धीरे-धीरे ऐसी बीमारियों को दूर करने के लिए औषधीय प्रणाली का एक रूप विकसित करता रहा.

शायद प्राचीन चिकित्सा पद्धति में आयुर्वेद (Ayurveda) के जुड़ने की यही वजह रही होगी.

इंसानों की पलायन की यह रही होगी वजह

यह रिसर्च इस बात की ओर इशारा करती है कि हजारों साल पहले इंसानों के पूर्वजों की शुष्क स्थानों की ओर पलायन के पीछे मच्छर जनित बीमारियां बड़ा कारण रही होंगी. मच्छर अक्सर गीले और नमी वाले स्थानों पर पनपते हैं. ऐसे में भारतीय उपमहाद्वीप (Indian Subcontinent) की ओर इंसानों के पलायन के पीछे यह भी बड़ी वजह रही होगी कि भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति में भी मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का उपचार (Malaria Treatment) उपलब्ध था.

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