Saturday, May 28, 2022
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MCD को एक करने वाला बिल राज्यसभा में पास, गृह मंत्री अमित शाह ने दिया विपक्ष को जवाब


नई दिल्ली. दिल्ली के तीनों नगर निगम (Municipal corporation) को एक करने वाला बिल राज्यसभा में आज पास हो गया. राष्ट्रपति के अनुमोदन के साथ ही अब दिल्ली के तीनों नगर निगम एक हो जाएगा. लोकसभा में यह बिल पहले ही पास हो चुका है. वर्तमान में तीनों नगर निगमों में बीजेपी को बहुमत है. दिल्ली नगर निगम अधिनियम (संशोधन) 2022 को लोकसभा (Lok Sabha) में पारित होने के बाद आज मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश क‍िया. अब राष्ट्रपति से इस बिल को मंजूरी मिलने का इंतजार है. हालांकि इस बिल को पास कराने के दौरान हुई बहस में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया. केंद्र ने कहा कि दिल्ली के तीनों नगर निगम को एकीकृत करने से फंड का बेहतर इस्तेमाल, लागत में कमी और संचालन में सुविधा होगी.

तीनों एमसीडी को बनाने का उद्येश्य पूरा नहीं हुआ
वर्तमान में तीनों नगर निगम में फंड की अलग-अलग व्यवस्था है. इसलिए तीनों नगर निगम द्वारा राजस्व की उगाही में भी भारी अंतर है. दक्षिण दिल्ली नगर निगम इनमें सबसे ज्यादा राजस्व उगाही करता है जबकि उत्तरी नगर निगम में फंड की जबर्दस्त कमी रहती है. राज्यसभा में बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की सरकार तीनों नगर निगमों से सौतेला व्यवहार करती है. उन्होंने कहा कि 2012 में जब नगर निगमों को बांटा गया था तब सरकारी रिकॉर्ड में इसका कोई उद्येश्य नहीं बताया गया था. उसके बाद अब दस साल हो गए हैं. तब और अब के समय में काफी अंतर आया है. उन्होंने कहा कि जब इसे बांटा गया था तब हो सकता है कि इसका उद्येश्य सही हो लेकिन वर्तमान समय में इसका कोई परिणाम नहीं आया.

नीतियों में समानता नहीं होने के कारण दिक्कत
अमित शाह ने कहा, तीनों नगर निगमों द्वारा जो नीति बनाई जाती है, वह एकदम अलग होती है. एक ही शहर में नीतियों में कोई समानता नहीं है. ऐसा इसलिए है क्योंकि जब नगर निगम को तीन भागों में विभाजित किया गया था, तब उनके आर्थिक संसाधनों और जिम्मेदारियों का ठीक से आकलन नहीं किया गया था. अमित शाह ने कहा कि दो नगर निगम वित्तीय रूप से खुद को बनाए रखने के लिए हमेशा आर्थिक कठिनाइयों से जूझते रहते हैं, इसलिए वे करों का पुनर्गठन करते हैं और संचालन जारी रखने के लिए नीतियों को बदलते रहते हैं. इस कारण पिछले 10 सालों में तीन नगर निगमों में कर्मचारियों ने 250 से अधिक बार हड़ताल किया है. यह हड़ताल इसलिए किए जाते हैं क्योंकि दिल्ली की सरकार एमसीडी के साथ सौतेला व्यवहार करती है. इस बिल का विरोध करते हुए कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, इस बिल में चार चीजें हैं. यह संवैधानिक रूप से संदेहास्पद है, वैधानिक रूप से अपुष्ट, प्रशासनिक रूप से भारी भूल और राजनीतिक रूप से ढोंग है. यह बिल सरकार का पूरी तरह से एमसीडी पर नियंत्रण के लिए बनाया गया.

Tags: Amit shah, Arvind kejriwal, MCD



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