Friday, August 19, 2022
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Presidential Election: तो क्या अब एक तानाशाह का बेटा बनेगा देश का राष्ट्रपति? कुछ ही दिनों में होने हैं चुनाव


Philippine Presidential Election: फिलीपींस में अब से कुछ दिनों में ही राष्ट्रपति चुनाव (Philippine Presidential election, 2022) होने जा रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि पूर्व तानाशाह फर्डिनैंड मार्कोस (Ferdinand Marcos) के बेटे फर्डिनैंड मार्कोस जूनियर यह चुनाव जीत सकते हैं. मार्कोस जूनियर को सुनने काफी ज्यादा लोगों की भीड़ पहुंचती है. कई तस्वीरें तो ऐसी भी आईं कि हजारों लोग उन्हें सुनने के लिए भारी बारिष में भी इकट्ठे हुए.

तानाशाह थे सीनियर मार्कोस

उनके पिता यानी मार्कोस सीनियर को उस दौर का सबसे बड़ा मानव अधिकारों का विरोधी माना जाता था. पूरी दुनिया में उनके कार्यकाल को मानवाधिकारों के हनन के लिए पहचाना जाता है. आसान शब्दों में कहें तो दुनिया उन्हें तानाशाह कहती है. इसके बावजूद भी स्थानीय मीडिया में कहा जा रहा है कि जूनियर मार्कोस अपनी लोकप्रियता के कारण पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आ सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो वह तीन दशक बाद पहले ऐसे व्यक्ति होंगे जो पूर्ण बहुमत के साथ फिलीपींस के राष्ट्रपति बनेंगे.

गलत तरीकों से चुनाव जीतेंगे मार्कोस?

बता दें कि मार्कोस जूनियर की उम्र 64 साल है और उन्हें बोंगबोंग मार्कोस (Bongbong Marcos) के नाम से भी जाना जाता है. फिलीपींस में 9 मई को चुनाव होने हैं. उनके आलोचकों का कहना है कि मार्कोस जूनियर ने काले धन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल से अपने पक्ष में माहौल बनाया है. साथ ही उन्हें वंशवादी सोच रखने वाले लोगों से भी मदद मिली है.

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सोशल मीडिया से चुनाव जीतने की कोशिश में मार्कोस

राजनीतिक जानकारों की मानें तो मार्कोस सीनियर की तानाशाही अपने आखिरी दिनों में बेहद अलोकप्रिय हो गई थी. लेकिन उसके बाद जो नेता सत्ता में आए, वो लोगों का रिझाने में कुछ खास कारगर नहीं हो सके. इसी बात का फायदा अब मार्कोस जूनियर को मिल रहा है. मार्कोस जूनियर की टीम सोशल मीडिया पर मार्कोस सीनियर की छवि साफ करने के लिए भी कई तरह के कैंपेन चलाती है. सोशल मीडिया पर उनके शासनकाल को अच्छे दिन बताया जाता है. सोशल मीडिया के इस दौर में मार्कोस सीनियर के कुछ फैसलों को खासा हाईलाइट किया जाता है. चूकिं अब उस दौर को अब लंबा समय बीत चुका है तो नई पीढ़ी के लोग इस प्रकार के कैंपेन से खासा प्रभावित हो रहे हैं.

क्या इतनी आसान है जीत की राह?

अगर इतिहास पर नजर डाली जाए तो यह भी देखा जा सकता है कि वो मार्कोस सीनियर ही थे जिन्होंने 1972 में देश में मार्शल लॉ लगा दिया था. हालांकि ऐसा नहीं है कि अब भी मार्कोस जूनियर के लिए यह जीत आसान रहने वाली है. अभी भी फिलीपींस में ही उनके विरोधी दल उन पर टैक्स चोरी का आरोप लगा कर उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं.

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