Sunday, December 5, 2021
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Rajasthan News Live Updates: महिला ने दूसरी शादी की तो जातीय पंचों ने लगाया 11 लाख का जुर्माना


जयपुर. राजस्थान में जातीय पंचायतों (Caste Panchayat) की दबंगई जारी है. पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे बाड़मेर (Barmer) जिले में एक बार जातीय पंचों ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए एक दंपति का हुक्का पानी बंद कर उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया है. जातीय पंचों ने पीड़ित दंपति को 11 लाख रुपये जुर्माना भरने का फरमान सुनाया है. पीड़ित दंपति और उसका परिवार न्याय के लिए बाड़मेर पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं. पीड़ितों ने इस संबंध में 35 नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है.

देश दुनिया में समय भले ही 21वीं सदी का हो लेकिन राजस्थान के गांवों में आज भी पंचों की तानाशाही जारी है. करीब एक माह पूर्व जातीय पंचों ने बाड़मेर में एक बार फिर अपने तुगलकी फरमान से अपनी बात रख ही ली है. यहां तथाकथित जातीय पंचों ने दूसरी शादी करने के चलते एक परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया है.

भंवार गांव से जुड़ा है यह मामला
मामला बाड़मेर जिले के सेड़वा थाना इलाके के भंवार गांव से जुड़ा है. यहां के एक महिला को दूसरी शादी करना उस वक्त महंगा पड़ गया जब तथाकथित जातीय पंचों ने उसे 11 लाख का आर्थिक दंड भरने का फैसला सुना दिया. जानकारी के मुताबिक भंवार निवासी समजू ने इस संबंध में जातीय पंचों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है. उसने बताया कि वर्ष 2020 में उसकी शादी वेरशीराम से हुई है. उसकी पहली शादी श्रवण कुमार से हुई थी लेकिन वह रेप केस के आरोप में जेल में है.

तलाक लेकर की है दूसरी शादी
पति श्रवण कुमार के जेल जाने के बाद उसने उससे तलाक लेकर दूसरी शादी कर ली. लेकिन यह शादी उसके पीहर पक्ष को नागवार गुजरी. उसकी इस शादी के बाद 35 जातीय पंचों ने तिलोकाराम की अगुवाई में तुगलकी फरमान सुनाते हुए 11 लाख रुपये का अर्थदंड भरने का आदेश दिया है. पीड़िता का कहना है कि वह और उसका पति ये जुर्माना राशि भरने में सक्षम नहीं हैं. इस पर उन्हें समाज से बाहर कर दिया गया है.

पुलिस ने अभी तक नहीं की कोई कार्रवाई
दर-दर की ठोकरे खाने के बाद पीड़िता अपने परिवार के साथ सेड़वा थाने पहुची और मामला दर्ज करवाया. सेड़वा पुलिस थाना में धारा 384 के तहत मामला दर्ज कर जांच तो शुरू की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है. इस पर पीड़िता बाड़मेर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने पहुंची. पीड़िता समजू व वैरशीराम के मुताबिक उन्हें समाज से बहिष्कृत कर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. गरीब परिवार होने से 11 लाख रुपये भरने में असमर्थता जताने पर समाज से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद कर दिया गया है.



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