Sunday, April 11, 2021
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Shayari: ‘ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ’, पढ़ें दिलकश अशआर


Shayari: 'सर्दी में दिन सर्द मिला...' Image Credit:Pexels/Ir-Solyanaya

Shayari: ‘सर्दी में दिन सर्द मिला…’ Image Credit:Pexels/Ir-Solyanaya

Shayari: उर्दू शायरी (Urdu Shayari) में हर जज्‍़बात (Emotion) को पिरोया गया है. इसमें क़ुदरत के ख़ूबसूरत नज़ारों की बात की गई है, तो सर्दी के मौसम को भी बेहद ख़ूबसूरत अल्‍फ़ाज़ में ढाला गया है…

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 17, 2020, 5:06 PM IST

Shayari: उर्दू शायरी (Urdu Shayari) इश्‍क़ (Love) से लबरेज़ कलाम है. यह जज्‍़बात का आईना है. इसमें हर जज्‍़बात (Emotion) को पिरोया गया है. इसमें दर्द है, तो ख़ुशी भी है. इसी तरह शायरी में शिकवे-शिकायतों की अपनी एक अलग जगह और अलग लुत्फ़ है. शायरों ने हर विषय पर क़लम उठाई है. कहीं इसमें क़ुदरत के ख़ूबसूरत नज़ारों की बात की गई है. कहीं दहकते सूरज का जिक्र है, तो कहीं रात में तन्‍हा चलते चांद की बात. आज हम शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर आपके लिए लेकर हाजिर हुए हैं. शायरों के ऐसे कलाम जिसमें आज बात ‘सर्दी के मौसम’ की. इसकी लज्‍़ज़त का जिक्र शायरों ने अपने-अपने अंदाज़ में किया है. आप भी इसका लुत्‍फ़ उठाइए.

सख़्त सर्दी में ठिठुरती है बहुत रूह मेरी
जिस्म-ए-यार आ कि बेचारी को सहारा मिल जाए
फ़रहत एहसासतेज़ धूप में आई ऐसी लहर सर्दी की
मोम का हर इक पुतला बच गया पिघलने से

क़तील शिफ़ाई

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अब उदास फिरते हो सर्दियों की शामों में
इस तरह तो होता है इस तरह के कामों में
शोएब बिन अज़ीज़

ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ
हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते
उम्मीद फ़ाज़ली

वो गले से लिपट के सोते हैं
आज-कल गर्मियां हैं जाड़ों में
मुज़्तर ख़ैराबादी

सर्दी में दिन सर्द मिला
हर मौसम बेदर्द मिला
मुहम्मद अल्वी

जब चली ठंडी हवा बच्चा ठिठुर कर रह गया
मां ने अपने लाल की तख़्ती जला दी रात को
सिब्त अली सबा

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गर्मी लगी तो ख़ुद से अलग हो के सो गए
सर्दी लगी तो ख़ुद को दोबारा पहन लिया
बेदिल हैदरी

मेरे सूरज आ! मेरे जिस्म पे अपना साया कर
बड़ी तेज़ हवा है सर्दी आज ग़ज़ब की है
शहरयार

सूरज लिहाफ़ ओढ़ के सोया तमाम रात
सर्दी से इक परिंदा दरीचे में मर गया
अतहर नासिक    (साभार/रेख्‍़ता)





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