Friday, September 17, 2021
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US: George Floyd की मौत का वीडियो रिकॉर्ड करने वाली Darnella Frazier को मिला Pulitzer Prize


वॉशिंगटन: अमेरिका (America) में पत्रकारों को दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित सम्मान पुलित्जर पुरस्कार (Pulitzer Prizes 2021) की घोषणा हो गई है. कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते इस बार ये समारोह ऑनलाइन आयोजित किया गया. विजेताओं की बात करें तो इस साल अमेरिकी हिप हॉप आर्टिस्ट जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) पर आधारित कई रिपोर्ट्स ने अवॉर्ड जीते. 

डार्नेला फ्रेजियर को मिला पुरस्कार

इस दौरान स्पेशल सिटेशन (Special Citation) कैटेगरी में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का वीडियो रिकॉर्ड करने वाली किशोरी डार्नेला फ्रेजियर (Darnella Frazier) को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया. इसके अलावा ब्रेकिंग न्यूज रिपोर्टिंग में मिनियापोलिस पुलिस द्वारा जॉर्ज फ्लॉयड की मौत की बारीक कवरेज और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के लिए द स्टार ट्रिब्यून के स्टाफ को सम्मानित किया गया. वहीं इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग (Investigative Reporting) कैटेगरी में खतरनाक ट्रक ड्राइवरों के बारे में जानकारी साझा करने में राज्य सरकारों की विफलता को उजागर करने वाली रिपोर्टिंग के लिए द बोस्टन ग्लोब के मैट रोशेल्यू, वर्नल कोलमैन, लौरा क्रिमाल्डी, इवान एलन और ब्रेंडन मैकार्थी को सम्मानित किया गया.

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1917 में हुई थी पुलित्जर पुस्कार की शुरुआत

गौरतलब है कि पुलित्जर पुरस्कार हर साल 21 श्रेणियों में पत्रकारिता, साहित्य और कला में उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाता है, जिसके तहत एक प्रमाण पत्र और 15,000 डॉलर का नकद पुरस्कार शामिल होता है. इस पुरस्कार की शुरुआत 1917 में जोसेफ पुलित्जर के नाम से की गई थी, जिन्होंने अखबार के प्रकाशक के रूप में नाम कमाया था. यह पुरस्कार कोलंबिया विश्वविद्यालय की ओर से दिया जाता है.

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3 भारतीय मूल पत्रकारों को मिल चुका है अवार्ड

पुलित्जर पुरस्कार को सबसे पहले हासिल करने वाले भारतीयों में गोबिंद बिहारी लाल (Gobind Bihari Lal) का नाम आता है. वो भारतीय-अमेरिका पत्रकार होने के साथ-साथ इंडिपिंडेंट एक्ट‍िविस्ट भी थे. गोबिंद बिहारी लाल को 1937 में पुलित्जर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. इसके बाद 2000 में भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका झुंपा लाहिड़ी को अपने कथा संग्रह इंटरप्रिटर्स ऑफ मैलाडीस के लिए ये अवॉर्ड मिला था. वहीं 2003 में भारतीय मूल की पत्रकार-लेखिका गीता आनंद को इस सम्मान से नवाजा गया था.

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