Sunday, January 16, 2022
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Video: चीनी सैनिकों से निपटने के लिए जवान थामेंगे ‘त्रिशूल’ और ‘वज्र’, ड्रैगन होगा पस्‍त


नई दिल्‍ली. लद्दाख (Ladakh) के गलवान घाटी इलाके (Galwan Valley Clash) में पिछले साल चीन की सेना ने भारतीय सैनिकों पर कंटीले डंडों, टीजर गन और अन्‍य हथियारों (Non Lethal Weapons) से हमला किया था. भारतीय जवानों (Indian Security Forces) ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था. इसके बाद भारत और चीन (India China Dispute) के बीच तनाव भी काफी बढ़ गया था. इस घटना के बाद भारतीय सुरक्षाबलों की ओर से नोएडा की एक कंपनी को वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैनिकों से निपटने लायक हल्‍के मारक या कम जानलेवा हथियार बनाने को कहा गया था. अब इस कंपनी ने ऐसे कई हथियार बनाए हैं, जो चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं.

सुरक्षाबलों की ओर से कंपनी को कम जानलेवा हथियारों का ऑर्डर दिया था. ऐसे में कंपनी ने भगवान शिव के त्रिशूल से प्रेरित होकर वैसा ही एक हथियार बनाया है. एपेस्‍टेरॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के चीफ टेक्‍नोलॉजी ऑफिसर मोहित कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘गलवान घाटी की घटना के बाद हमें सुरक्षाबलों की ओर से कम जानलेवा हथियार बनाने के लिए कहा गया था. हम चीनी सेना के पास भी ऐसे हथियार देख सकते हैं.’

कुमार का कहना है, ‘हमने ऐसे टीजर गन और कम जानलेवा हथियार बनाए हैं, जो हमारे पारंपरिक हथियारों से प्रेरित हैं.’ उनका कहना है कि इसी में लोहे के कांटे लगे डंडे को बनाया गया है. इसका नाम वज्र रख गया है. यह हथियार दूसरे सैनिकों के साथ मुठभेड़ के समय काम आएगा. साथ ही इससे बुलेट प्रूफ वाहनों को भी पंचर किया जा सकता है. यह वज्र हथियार अपने कांटों से बिजली से झटका भी दे सकता है. जब भी हाथापाई या हल्‍की लड़ाई होगी तो यह सामने वाले सैनिक को कुछ ही सेकंड में मूर्छित कर सकता है.

इसके अलावा कंपनी की ओर से एक त्रिशूल भी बनाया गया है. इसके जरिये दुश्‍मनों के वाहनों को अपने क्षेत्र में घुसपैठ करने और सैनिकों से लोहा लेने में आसानी से किया जा सकता है. इसके अलावा एक खास दस्‍ताना विकसित किया गया है. इसका नाम सैपर पंच है. इसे हाथ में पहनकर सामने खड़े व्‍यक्ति को अगर मारा जाए जो इससे बिजली का झटका निकलता है, जिससे सामने वाला व्‍यक्ति तुरंत मूर्छित हो जाएगा. साथ ही इसे ठंड के दस्‍ताने के रूप में भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है.

इन हथियारों की क्षमता के बारे में बताते हुए मोहित कुमार ने जानकारी दी है कि इन हथियारों से किसी की मौत नहीं होगी और ना ही कोई गंभीर घायल होगा. लेकिन जब भी हाथापाई होगी तो ये दुश्‍मनों को कुछ ही से‍कंड में पस्‍त कर सकते हैं. उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया है कि इन हथियारों को सिर्फ सुरक्षाबलों और लॉ इंफोर्समेंट एजेंसियों को ही मुहैया कराया जाएगा.

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