Friday, April 16, 2021
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Year Ender 2020: अपराध जगत की इन 5 घटनाओं से सहम गया था देश


1- विकास दुबे एनकाउंटर केस

2 जुलाई, 2020 की रात कानपुर एक ऐसे दिल दहला देने वाले अपराध का गवाह बना, जिसकी सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस के होश फाख्ता हो गए. चौबेपुर क्षेत्र स्थित बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलियां दागी गईं. दरअसल पुलिस एक केस के सिलसिले में गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) को गिरफ्तार करने गई थी. विकास को इसकी भनक लग गई. उसने अपने साथियों के साथ पूरी तैयारी से पुलिस पर हमला करने का प्लान बनाया. विकास ने पुलिस की गाड़ियों का रास्ता रोकने के लिए रास्ते में JCB मशीन खड़ी करवा दी. पुलिस पैदल उसके घर पहुंची.

छत पर हथियारों से लैस बदमाशों ने सभी पुलिसवालों पर ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दीं. इस हमले में 8 पुलिसकर्मियों को जान गंवानी पड़ी. कई दिनों तक लुकाछुपी का खेल खेलने के बाद विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया. UP STF उसे कानपुर लेकर आ रही थी. कानपुर के बाहरी हिस्से में दाखिल होते ही STF की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई. इसी गाड़ी में विकास बैठा था. पुलिस का कहना है कि विकास ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और इस दौरान एनकाउंटर में उसे मार गिराया गया. पुलिस के इस एनकाउंटर पर काफी सवाल उठे थे.

2- हाथरस गैंगरेप केस

हाथरस गैंगरेप केस (Hathras Case) ने उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े किए थे. 14 सितंबर, 2020 को हाथरस के पास स्थित गांव में एक 20 साल की लड़की से गैंगरेप हुआ. गैंगरेप उस लड़की के साथ ही नहीं बल्कि उसकी रूह के साथ भी किया गया. हैवानों ने उसके शरीर को ऐसी यातनाएं दीं, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट पड़े. पीड़िता का अस्पताल दर अस्पताल इलाज चलता गया और 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया.

आनन-फानन में यूपी पुलिस ने देर रात लगभग 2:30 बजे कथित तौर पर परिवार को कमरे में बंद कर पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया. पुलिस का ये रवैया सवालों के घेरे में था. इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. हाथरस गैंगरेप पर कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, देशभर में गुस्सा देखने को मिला था. कांग्रेस, AAP, TMC समेत कई विपक्षी दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस गए थे. फिलहाल CBI इस केस की जांच कर रही है.

3- पालघर मॉब लिंचिंग केस

महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या से देशभर के साधु-संतों में खासा आक्रोश था. जिले के गढ़चिंचले गांव में 16 अप्रैल, 2020 को यह घटना घटी थी. मुंबई से कार में सवार होकर एक अंतिम संस्कार में शामिल होने सूरत जा रहे दो साधुओं और उनके चालक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. गांववालों की भीड़ ने उनकी गाड़ी को रोका और बच्चा चोर होने के शक में बेरहमी से मार डाला.

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. जान बख्शने की गुहार लगा रहे साधुओं को लोग बुरी तरह पीटते दिखे. पालघर जिला ग्रामीण पुलिस ने लिंचिंग की इस घटना के सिलसिले में तीन केस दर्ज किए थे. स्थानीय पुलिस और राज्य CID इस मामले में अब तक 134 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इस मामले को सांप्रयादिक रंग देने की भी काफी कोशिशें की गईं, जिसके बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को खुद सामने आना पड़ा था. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है.

4- निकिता हत्याकांड

हरियाणा के बल्लभगढ़ (Ballabhgarh Case) में 26 अक्टूबर, 2020 को एक छात्रा की हत्या से सनसनी फैल गई थी. उस दिन परीक्षा देकर अपनी सहेली के साथ घर लौट रही छात्रा निकिता की अग्रवाल कॉलेज के गेट के बाहर मुख्य आरोपी तौसीफ ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस वारदात को अंजाम देने में उसका साथी रेहान भी शामिल था. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था. वीडियो में तौसीफ पहले तो निकिता को कार में बैठाने की कोशिश करता दिखा. छात्रा के विरोध करने पर उसने निकिता के सिर में गोली मार दी.

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था. मृतका के परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी निकिता पर शादी करने के लिए इस्लाम अपनाने का दबाव बना रहा था. तौसीफ को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में एक और युवक को गिरफ्तार किया गया. हिंदूवादी संगठनों ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ का नाम दिया और आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की. योगी सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून ला चुकी है, जिसके बाद हरियाणा की खट्टर सरकार भी जल्द ‘लव जिहाद’ पर कानून लाने की बात कह चुकी है.

5- शिवहर गोलीकांड

बिहार विधानसभा चुनाव में शिवहर से जनता दल राष्ट्रवादी पार्टी के प्रत्याशी नारायण सिंह (Narayan Singh) की हत्या से कोहराम मच गया था. 24 अक्टूबर, 2020 को सिंह पर प्रचार के दौरान हमला हुआ था. दो बाइक सवार हमलावर उनके पास आए और ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. हमले में नारायण सिंह और उनके समर्थक घायल हो गए थे. भीड़ ने दोनों हमलावरों को पकड़ लिया था और एक हमलावर को पीट-पीटकर मार डाला.

दूसरे हमलावर को अधमरी हालत में पुलिस ने छुड़ा लिया था. हमलावरों की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस घटना में नारायण सिंह और उनके एक समर्थक की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि नारायण सिंह के खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे. फिलहाल इस मामले की जांच भी जारी है.

VIDEO: सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज करेंगे विकास दुबे मामले की जांच



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